मुजफ्फरनगर में कक्षा 9 की छात्रा से छेड़छाड़ और मतांतरण का बनाया दबाव, तेजाब फेंकने की दी धमकी
मुजफ्फरनगर में एक किशोरी को छेड़छाड़, मतांतरण और तेजाब फेंकने की धमकी दी गई, जिससे उसने स्कूल जाना छोड़ दिया। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
किशोरी को छेड़छाड़, मतांतरण और तेजाब की धमकी मिली।
डर के कारण छात्रा ने स्कूल जाना छोड़ दिया।
स्वामी यशवीर महाराज ने पुलिस कार्रवाई की मांग की।
संवाद सूत्र, मुजफ्फरनगर। एक गांव में किशोरी के साथ लगातार छेड़छाड़ और मतांतरण का दबाव बनाया गया। मतांतरण न करने पर तेजाब फेंकने की धमकी दी। डर के कारण छात्रा ने स्कूल जाना छोड़ दिया। पीड़िता के स्वजन ने बघरा में स्वामी यशवीर महाराज के पास पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। यशवीर महाराज ने पुलिस प्रशासन से आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुरकाजी क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली कक्षा नौ की 14 वर्षीय छात्रा को गांव का ही एक युवक विद्यालय आते-जाते समय अक्सर परेशान और छेड़छाड़ किया करता था। पीड़ित छात्रा ने इस बात की जानकारी स्वजन को दी। स्वजन द्वारा आरोपित युवक और उसके परिवार को समझाने एवं शिकायत करने के बावजूद आरोपित की हरकतों में कोई सुधार नहीं आया।
25 जुलाई की देर रात लगभग 3:15 बजे आरोपित जबरन पीड़ित छात्रा के घर में घुस आया। घर में प्रवेश करते ही उसने छात्रा के बुजुर्ग एवं बीमार दादा को धक्का देकर गिरा दिया। इसके बाद आरोपित ने छात्रा के साथ अभद्रता की। छात्रा के शोर मचाने पर जब उसकी मां जागी तो आरोपित भाग खड़ा हुआ।
भागते समय आरोपित का मोबाइल फोन मौके पर ही गिर गया, जिसे स्वजन ने पुलिस के हवाले कर दिया है। आरोप है कि आरोपित छात्रा पर निकाह करने, मतांतरण करने और ऐसा न करने पर तेजाब फेंकने की धमकी दे रहा था। इस डर के कारण छात्रा ने स्कूल जाना और पढ़ाई छोड़ दी है। पीड़िता की मां और स्वजन ने तहरीर देकर आरोपित का मोबाइल भी पुलिस को सौंप दिया, लेकिन आरोप है कि अभी तक पुलिस द्वारा कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।
खबरें और भी
यशवीर महाराज ने एसएसपी से मामले का तत्काल संज्ञान लेने तथा आरोपित के खिलाफ पॉक्सो एक्ट एवं अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की मांग की है। आश्रम के पीठाधीश यशवीर महाराज ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपित के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो हिंदू समाज और पीड़ित परिवार आरोपित के मकान के बाहर धरने पर बैठने के लिए बाध्य होगा।