पापा मैं चांदी के दो पदक ला रही… पैरा एशियाई खेलों में प्रीति पाल ने जीते दो सिल्वर, परिवार में जश्न का माहौल
प्रीति पाल ने जापान में पैरा एशियाई खेलों में 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में लगातार दो रजत पदक जीते हैं।

प्रीति पाल के एशियाई खेलों में दूसरा रजत पदक हासिल करने पर मिठाई खिलाकर खुशी मनाते स्वजन। जागरण
HighLights
प्रीति पाल ने पैरा एशियाई खेलों में दो रजत पदक जीते।
मुजफ्फरनगर के हाशमपुर गांव में खुशी और जश्न का माहौल।
26 अक्टूबर को प्रीति के भव्य स्वागत की तैयारी चल रही है।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। जापान के आइची-नागोया में पैरा एशियाई खेलों में जनपद के गांव हाशमपुर की बेटी प्रीति पाल ने 200 मीटर के बाद बुधवार को 100 मीटर दौड़ में भी रजत पदक हासिल किया।
प्रीति ने अपने पिता अनिल कुमार को वॉट्सएप कॉल कर कहा कि पापा चांदी के दो पदक लेकर आ रही हूं। भावुक हुए अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली एयरपोर्ट से गांव तक स्वागत करेंगे। वहीं, आवास पर देर रात तक लोगों ने पहुंचकर बधाई दी और स्वजनों ने मिठाई बांट कर खुशी का इजहार किया।
प्रीति पाल ने रचा इतिहास
पैरा एशियाई खेलों में मीरापुर क्षेत्र के गांव हाशमपुर निवासी अनिल कुमार की बेटी प्रीति पाल ने इतिहास रच दिया है। मंगलवार को प्रीति ने 100 मीटर टी-35 वर्ग में रजत पदक हासिल किया था। बुधवार को 200 मीटर दौड़ में भी इसी सफलता को दोहराया है।
प्रीति के पिता अनिल कुमार ने बताया कि पैरा एशियाई खेलों में प्रीति के दो रजत पदक हो गए हैं। उन्होंने बताया कि पेरिस पैरालिंपिक में बेटी ने इन्हीं दो इवेंट में कांस्य पदक हासिल किए थे, अब फिर से दो पदक प्राप्त किए हैं।
फोन पर प्रीति से बात हुई, जापान से बेटी ने कहा कि पापा चांदी के दो पदक लेकर आ रही हूं। यह सुनते ही पूरा परिवार खुशी से झूम उठा। घर में बड़ी बेटी नेहा की शादी की तैयारी चल रही है। ऐसे खुशनुमा माहौल में 26 अक्टूबर को प्रीति के साथ उसकी जीत का जश्न भी मनाएंगे।
विफलताओं को सफलता में बदलती गई प्रीति
अनिल कुमार बताते हैं कि जन्म से ही प्रीति के शरीर के निचले हिस्से में दिव्यांगता थी। दो साल तक वह ठीक से खड़ी नहीं हो पाती थी, जिसे देख लोग ताने मारते थे। आठ साल तक बैसाखियों के सहारे चलती रही। परिवार चिंता में रहता था।
इसके बाद बेटी अपने दादा ऋषिपाल के पास मेरठ चली गई। वहां पैरा गेम्स में करियर बनाने का सपना संजोया। परिवार ने लंबे समय तक आर्थिक तंगी झेली, लेकिन प्रीति की तैयारी में कमी नहीं आने दी।
वर्ष 2022-23 एशियाई खेलों में चौथा स्थान मिला। पदक न लाने का मलाल उसे सालता रहा, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। वर्ष 2024 बेटी के लिए स्वर्णिम रहा। इसी साल विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य और इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल आया।
साथ ही राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स में भी गोल्ड मिला। वर्ष 2024 में पेरिस पैरालिंपिक में दो कांस्य पदक लेकर वतन लौटी। इसके बाद सरकार ने प्रीति की झोली अवार्ड और आर्थिक सहयोग से भर दी। प्रदेश सरकार ने बीडीओ बनाया और भारत सरकार ने अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।