यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Muzaffarnagar School Case: मुस्लिम छात्र की पिटाई पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, यूपी सरकार को 25 तक देना होगा जवाब
Muzaffarnagar School Slab Case नेहा पब्लिक स्कूल में हुआ थप्पड़ कांड अभी ठंडा नहीं पड़ा है। पहले राजनीतिक दलों ने यूपी की योगी सरकार को निशाने पर लिया ...और पढ़ें

HighLights
- छात्र को थप्पड़ मारने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
- मुस्लिम छात्र को थप्पड़ लगवाने का वीडियो हुआ था वायरल
- यूपी सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
मुजफ्फनगर, एजेंसी न्यूज। यूपी के मुजफ्फरनगर के गांव खुब्बापुर स्थित नेहा पब्लिक स्कूल में छात्र की पिटाई कराने का मामला अभी सुर्खियाें में बना हुआ है। कांग्रेस, रालोद, सपा समेत विभिन्न पार्टियों के राष्ट्रीय नेताओं, खाड़ी देश के अल जजीरा ने मामले पर ट्वीट किया था। पुलिस ने मंसूरपुर थाने में शिक्षिका तृप्ता त्यागी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं सुप्रीम कोर्ट में डाली याचिका पर अब यूपी सरकार को जवाब देना होगा।
यूपी सरकार को नोटिस जारी कर मांगा जवाब
एजेंसी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने मुजफ्फरनगर के एसपी को जांच की स्थिति, पीड़िता और माता-पिता की सुरक्षा के लिए किए गए प्रयासों पर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिए गए हैं। छात्र को थप्पड़ मारने की घटना में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस भी जारी किया है। आने वाली 25 सितंबर तक यूपी सरकार को इसका जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
ये था मामला
मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव खुब्बापुर स्थित नेहा पब्लिक स्कूल में शिक्षिका तृप्ता त्यागी द्वारा एक छात्र की दूसरे छात्रों से पिटाई कराने का वीडियो गत 25 अगस्त को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस प्रकरण को लेकर कांग्रेस, सपा, रालोद, एआइएमआइएम और कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने इंटरनेट मीडिया पर भाजपा को घेरते हुए खूब प्रहार किए थे। इससे राजनीतिक माहौल गरमा गया था। वहीं पीड़ित छात्र के पिता की तहरीर पर शिक्षिका तृप्ता के खिलाफ मारपीट व धमकाने की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया था।
बच्चे की काउंसलिंग
थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल होने के बाद पीड़ित छात्र के घर पहुंचकर बाल कल्याण समिति की टीम ने स्वजन व छात्र की काउंसलिंग की थी। पूरे मामले को लेकर पूछताछ करने के बाद स्वजन से अपील की गई थी कि बच्चे की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। वहीं कुछ राजनीतिक नेताओं ने केरल में उसके पढ़ने का खर्च उठाने की बात भी की थी।
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नोट, सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूपी सरकार से जवाब मांगने की जानकारी एजेंसी के हवाले से दी जा रही है।