यूपी बना ग्लोबल एविएशन हब, 8 साल की कड़ी मेहनत और सीएम योगी का विजन; अब उड़ने को तैयार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आठ वर्षों के अथक प्रयासों से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब संचालन के लिए तैयार है। मार्च 2026 में एयरोड्रम लाइसेंस मिलने क ...और पढ़ें

सीएम योगी के विजन से नोएडा एयरपोर्ट उड़ान भरने को तैयार
HighLights
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब संचालन के लिए तैयार।
उत्तर प्रदेश वैश्विक एविएशन हब बन गया।
सीएम योगी के विजन से आर्थिक शक्ति का केंद्र।
डिजिटल डेस्क, नोएडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आठ वर्षों के अथक परिश्रम, सटीक समन्वय और निरंतर सुपरविजन का परिणाम आज पूरी दुनिया के सामने है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) अब एक हकीकत बन चुका है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फेज-1 के लोकार्पण के बाद यह पूरी तरह संचालन के लिए तैयार है। मार्च 2026 में एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त करने के साथ ही उत्तर प्रदेश ने वैश्विक एविएशन हब बनने की दिशा में एक ऐतिहासिक छलांग लगाई है। यह मेगा प्रोजेक्ट सीएम योगी के उस दृढ़ संकल्प का प्रमाण है, जिसने एक महत्वाकांक्षी सपने को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारा।
2017 से 2020: एक विजन को मिला संस्थागत रूप
इस ऐतिहासिक परियोजना की नींव वर्ष 2017 में पड़ी थी, जब जुलाई में साइट क्लीयरेंस और अक्टूबर में गृह मंत्रालय से एनओसी प्राप्त कर जेवर को वैश्विक मानचित्र पर लाने की तैयारी शुरू हुई। साल 2018 में 'नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड' (NIAL) के गठन ने इस सपने को एक औपचारिक ढांचा प्रदान किया। इसके बाद साल 2020 में ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को कंसेशनायर के रूप में चुनकर कंसेशन एग्रीमेंट साइन किया गया, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञता का रास्ता साफ किया।
निर्माण से लाइसेंस तक: प्रबंधन की मिसाल
परियोजना में असली गति अगस्त 2021 में फाइनेंशियल क्लोजर और मास्टर प्लान की मंजूरी के बाद आई। अक्टूबर 2021 में 'अपॉइंटेड डेट' घोषित होने के बाद मार्च 2022 से निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हुआ। टाटा प्रोजेक्ट्स को ईपीसी कॉन्ट्रैक्टर नियुक्त करने के साथ ही 2022 से 2024 के बीच तमाम तकनीकी चुनौतियों को समय रहते पूरा किया गया। अक्टूबर 2025 में सफल कैलिब्रेशन फ्लाइट और मार्च 2026 में एयरोड्रम लाइसेंस मिलना इस परियोजना की प्रबंधन कुशलता का सबसे बड़ा प्रमाण बना।
योगी का विजन: सिर्फ एयरपोर्ट नहीं, आर्थिक शक्ति का केंद्र
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सफलता के पीछे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की व्यक्तिगत सक्रियता सबसे महत्वपूर्ण रही है। भूमि अधिग्रहण से लेकर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और एनओसी जैसे पेचीदा मामलों को सीएम योगी ने अपनी नियमित समीक्षा बैठकों के जरिए सुलझाया। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को महज एक एयरपोर्ट तक सीमित न रखकर इसे औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया है। आज यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में बढ़ता निवेश और रोजगार के लाखों अवसर उत्तर प्रदेश को वैश्विक कनेक्टिविटी और आर्थिक शक्ति के एक नए युग में ले जाने को तैयार हैं।