दिल्ली एयरपोर्ट का इंजीनियर निकला गांजा सप्लायर, नोएडा पुलिस ने किया गिरफ्तार; शिलांग से मंगाता था सप्लाई
नोएडा पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट पर कार्यरत एक टेक्निकल इंजीनियर को गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी ...और पढ़ें

आरोपित शिलॉन्ग से गांजा मंगवाकर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई कर रहा था। प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
दिल्ली एयरपोर्ट इंजीनियर गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार।
नोएडा पुलिस ने सेक्टर-58 थाना क्षेत्र से पकड़ा।
आरोपी शिलॉन्ग से गांजा मंगाकर नोएडा में बेचता था।
जागरण संवाददाता, नोएडा। दिल्ली एयरपोर्ट पर तैनात टेक्निकल इंजीनियर को गांजा तस्करी का नेटवर्क चलाते हुए नोएडा सेक्टर 58 थाना पुलिस ने बुधवार देर रात सेक्टर 56 से गिरफ्तार किया।
गिरोह का सरगना टेक्निकल इंजीनियर का दोस्त गोवाहटी जेल में बंद है। गिरोह वाॅट्सएप पर बने ग्रुपों में ग्राहकों को जोड़कर गांजे का आर्डर लेता है। अमेजन की लिखे लिफाफों में पैककर गांजा सप्लाई करता है।
इंजीनियर के साथी के सेक्टर 57 से हत्थे चढ़ने पर नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ। दोनों के पास से 12 किलोग्राम अवैध गांजा व बाइक बरामद हुई। सरगना की मां और भाई कैफे चलाते हैं। वह भी तस्करी नेटवर्क से जुड़े हैं।
पुलिस इनकी भूमिका की जांच कर रही है।नोएडा सेक्टर 58 थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान सेक्टर 57 से बाइक सवार संदिग्ध को दबोचा। आरोपित के पास से छोटे-छोटे अमेजन लिखे पैकेट थे।
शिलॉन्ग का गांजा मिला
खोलकर देखने पर उसमें 1900 ग्राम शिलॉन्ग का गांजा बरामद हुआ। डीसीपी प्रीति यादव ने बताया कि आरोपित की पहचान संभल बहजोई के भोजपुर गांव के सुमित राघव के रूप में हुई।
वह गाजियाबाद के खोड़ा में रहता है। बिहार समस्तीपुर के कल्याणपुर गांव के मनीष कुमार झा के लिए काम करता है। वह भी खोड़ा में रहता हैं। पुलिस ने मनीष को सेक्टर 56 से दबोच लिया। उससे 10 किलो 300 ग्राम गांजा बरामद हुआ।
दिल्ली एयरपोर्ट पर है इंजीनियर
एडीसीपी अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि मनीष दिल्ली एयरपोर्ट पर टेक्निकल इंजीनियर के पद पर कार्यरत है। वह अपने दोस्त अमित संग एनसीआर में गांजा तस्करी का नेटवर्क चलाता है। अमित गुवाहटी जेल में बंद है। वर्तमान में मनीष ही नेटवर्क को संभाल रहा है।
गिरोह वॉट्सएप पर गांजा खरीदने वालेे ग्राहकों को जोड़ता है। फ्लैट, पीजी, हास्टल व कालेज में पढ़ने वाले लड़कों को वॉट्सएप पर ही आनलाइन आर्डर प्राप्त करता है।
एसीपी मयंक तिवारी ने बताया कि गांजे को अमेजन लिखी पालीथिन मंगाकर उसमें पैक किया जाता है, ताकि डिलीवरी करते समय जाने के दौरान किसी को शक न हो। सुमित बाइक से डिलीवरी करने जाता है।
क्यूआर कोड से पेमेंट मनीष के पास पहुंचता है। सुमित को हर पैकेट के एवज में 200-250 रुपये मिलते हैं। सेक्टर 58 थाना प्रभारी अमित तोमर ने बताया कि आरोपितों से 800 ग्राहकों के अलावा गांजा उपलब्ध कराने वालों का पता चला है। इनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।