ग्रेटर नोएडा: फैक्ट्री में आग बुझाने गए दो दमकलकर्मियों की दीवार गिरने से मौत, 3 घायल
ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक तीन में एक फैक्ट्री में आग बुझाते समय दीवार गिरने से दो दमकलकर्मियों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। इस हादसे स ...और पढ़ें

ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक तीन में एक फैक्ट्री में आग बुझाते समय दीवार गिरने से दो दमकलकर्मियों की दर्दनाक मौत हो गई
HighLights
ईकोटेक तीन फैक्ट्री में आग बुझाते समय हादसा।
दीवार गिरने से दो दमकलकर्मियों की दुखद मौत।
घायल दमकलकर्मियों का अस्पताल में चल रहा उपचार।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ईकोटेक तीन कोतवाली क्षेत्र स्थित फैक्ट्री में आग बुझाने गए दो दमकलकर्मियों पर फैक्ट्री की दीवारी गिरने से मलबे में दबकर हुई दर्दनाक मौत ने सभी को झकझोर दिया है। हादसे में घायल मनीष, राजपाल व अमित का उपचार यथार्थ अस्पताल में चल रहा है। घायल अमित को बुधवार देर शाम डाक्टरों ने छुट्टी दे दी। मनीष व राजपाल की हालत अब खतरे से बाहर है।
दमकलकर्मियों का कहना है कि साथियों को खोने का गम हमेशा रहेगा । ईकोटेक तीन फायर स्टेशन अधिकारी अजय कुमार बताते हैं कि सूचना मिलने के पांच मिनट के अंतराल में वह अपनी टीम के साथ घटना स्थल पहुंच गए थे। तीर्थ पाल सिंह दमकल की गाड़ी लेकर पहुंचे थे। उन्होंने ही दमकल की गाड़ी का पंप खोला था। उन्होंने बताया कि वह टीम की अगुवाई करते हुए आगे बढ़ गए। उनके पीछे फायरकर्मी कपिल कुमार थे।
जो हादसे से बाल-बाल बचे। दमकलकर्मियों ने बताया कि दीवार गिरने की वजह से चारों तरफ धुआं का गुबार उठ गया। काफी देर तक वे समझ ही नहीं पाए कि आखिरकार क्या हुआ।
दर्दनाक हादसे के बाद ईकोटेक तीन फायर स्टेशन में तैनात दमकलकर्मी पूरी रात करवट बदलते रहे। अपने साथी तीर्थ पाल सिंह को खोलने का गम उनकी आंखों में साफ झलक रहा था। तीर्थ पाल के साथ सरकारी क्वार्टर में जयपाल सिंह रहते थे। जो बुझे-बुझे नजर आए। तीर्थ पाल ईकोटेक तीन फायर स्टेशन पर नौ सितंबर 2023 से तैनात थे।
10 दिन पहले कुत्तों से बचाई थी गोवंशी की जान : तीर्थ पाल बेहद व्यवहार कुशल थे। वह सुबह शाम नियमित पूजा पाठ करते थे। सरकारी क्वाटर में उन्होंने कई देवी देवताओं की तस्वीर लगा रखी थी। अग्निशमन विभाग के सब इंस्पेक्टर अतेंद्र सिंह ने बताया कि उनके फायर स्टेशन परिसर में पौधे रोपित किए हुए थे।
जिनकी वह नियमित देखभाल करते थे। उन्होंने बताया कि 10 दिन पहले उन्हें रास्ते में एक गोवंशी के बच्चे को कुत्ते नोच रहे थे। कुत्तों से मुक्त कराकर वह गोवंशी को फायर स्टेशन परिसर ले आए। पिछले 10 दिनों से उसकी देखरेख, उपचार व भरण पोषण का जिम्मा उन्होंने उठाया हुआ था।