आतंकी नेटवर्क से जुड़ा ग्रेटर नोएडा का पपला, 6 महीने से था लापता और बदल गया था रहन-सहन
आतंकी नेटवर्क के संपर्क में आने के बाद से पपला अक्सर लापता रहने लगा था और उसने लोगों से मिलना-जुलना कम कर दिया था। करीब छह माह से उसने अपना वेटर और वे ...और पढ़ें
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लोकेश उर्फ पपला पंडित का बड़ा भाई लकी और फोटो में लोकेश, पिता रोहताश शर्मा उर्फ मुनीम, मां और भाई-बहन। जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। आतंकी नेटवर्क के संपर्क में आने के बाद से पपला अक्सर लापता रहने लगा था। लोगों से मिलना जुलना भी बेहद कम कर दिया था। उसके साथ उठने बैठने वाले युवकों से मिलना भी कम कर दिया था। आतंकी नेटवर्क से कनेक्शन की मिलने जुलने वालों को भनक तक नहीं लगने दी। वेटर और वेलदारी का काम भी छोड़ दिया था।
छपरौली की राम विहार कॉलोनी की गली नंबर दो में पपला का मकान है। गली से कुछ दूरी पर एक नाला है। अक्सर पपला मोहल्ले के हम उम्र युवकों के साथ नाला के पास निर्माणाधीन दुकानों के पास ही उठता बैठता था। घंटों यहीं पर बैठकर गांजा आदि का नशा भी करता था।
छह माह से बंद कर दिया था वेलदारी का काम
उसके साथ उठने बैठने वाले युवकों का कहना था कि करीब छह माह से वह अक्सर कई-कई दिन के लिए लापता हो जाता था। वापस आने पर यदि थोड़ी बहुत देर के लिए मुलाकात भी होती थी तो बातचीत बेहद कम करता था। पूछने पर कहां गया था कभी घूमने तो कभी नौकरी की तलाश में जाने की बात कहता था।
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लोकेश उर्फ पपला पंडित के घर के पास बैठी महिलाएं। जागरण
करीब छह वर्ष से वह मोहल्ले के की हम उम्र लोगों के साथ वेलदारी का काम भी करने जाता था, लेकिन छह माह से वेलदारी का काम भी बंद कर दिया था। रहने सहन भी बदल गया था, बाल बड़े कर चोटी भी बांधने लगा था। भाई लकी का भी कहना है कि पहले पपला उसके साथ वेटर का काम करने जाता था। छह माह से कहने के बाद भी नहीं जाता था।