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ग्रेटर नोएडा की मिग्सन अल्टिमो सोसायटी में चौथे दिन भी दूषित पानी की आपूर्ति, TDS 450 के पार

Updated: Thu, 20 Aug 2026 06:11 PM (IST)

ग्रेटर नोएडा की मिग्सन अल्टिमो सोसायटी में चौथे दिन भी दूषित पानी की समस्या बनी हुई है। निवासी बिल्डर पर फायर हाइड्रेंट पाइपलाइन से गंदा पानी भरने का आरोप लगा रहे हैं, जिसका टीडीएस 479 पाया गया है।

AI जनरेटेड।

AI जनरेटेड।

HighLights

  1. मिग्सन अल्टिमो सोसायटी में चौथे दिन भी पानी संकट।

  2. फायर हाइड्रेंट पाइपलाइन से दूषित काला पानी की आपूर्ति।

  3. पानी का टीडीएस 479, पीने योग्य नहीं।

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ओमीक्रान स्थित मिग्सन अल्टिमो सोसायटी में चौथे दिन भी पानी का संकट गहराया रहा। निवासी मोटर खराब हो जाने के बाद बिल्डर प्रबंधन पर सोसायटी में फायर हाइड्रेंट की पाइपलाइन के जरिए टैंकों में पानी भरने का खतरनाक विकल्प अपनाने का आरोप लगा रहे हैं।

निवासियों का कहना है कि पाइपलाइन से आने वाला पानी बेहद दूषित और काला है। पाइप जंग लगी हुई हैं, जिससे पानी में गंदगी और बदबू आ रही है। शिकायत मेंटेनेंस की टीम से की गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

वहीं, रविवार को निवासियों ने मामले की शिकायत पुलिस से भी की थी। मंगलवार को पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।

निवासियों का दावा है कि सत्यता पाए जाने पर पुलिस ने भी मेंटेनेंस को व्यवस्था दुरुस्त करने की चेतावनी दी है, बावजूद इसके व्यवस्था नहीं सुधरी है। मोटर दुरुस्त कराने के बजाय फायर हाइड्रेंट की पाइपलाइन के जरिए सोसायटी में टैंक भरे जा रहे हैं।

निवासियों की जांच में टीडीएस 450 के पार 

सोसायटी के लोगों को दूषित पानी पीने से बीमार होने का डर सताने लगा है। बुधवार को सोसायटी के लोगों ने सोसायटी में होने वाली पानी की आपूर्ति का टीडीएस मापा। टीडीएस 479 मिला।

लोगों का आरोप है कि प्राधिकरण स्तर से टीडीएस की जांच कभी नहीं होती। मुख्य सप्लाई करने के बाद सोसायटी के ओवरहेड टैंक की कोई जांच नहीं हुई। टैंक वर्षों से गंदे पड़े हुए हैं।

दूषित पानी पीने से ढाई सौ से अधिक लोग हो गए थे बीमार

यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले सप्ताह ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सेवियर ग्रीन आर्क सोसायटी में दूषित पानी पीने से ढाई सौ से अधिक लोग बीमार हो गए थे। शिविर लगाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोसायटी परिसर में ही लोगों का उपचार किया था। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने पानी के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे थे। जिसकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है।

पानी का टीडीएस 480 के करीब है। जो पीने योग्य तो बिल्कुल नहीं है। आ रही सप्लाई के पानी से अब तो दैनिक कार्यों का निपटरा करने में भी डर लग रहा है। बर्तन आदि को भी बाहर से पानी खरीदकर साफ किया जा रहा है। - अनिल वर्मा, निवासी

आसपास की सोसायटियों में दूषित पानी पीने से लोगों के बीमार होने के आएदिन मामले सामने आते रहते हैं। किसी घातक बीमारी की चपेट में न आ जाए डर बना हुआ है। - नितिन अरोड़ा

दूषित पानी पीने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बीमार होने के आए मामले

  • 8 अप्रैल 2025 : ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अजनारा होम सोसाइटी में दूषित पानी की आपूर्ति से सैकड़ों लोग बीमार हो गए। प्राधिकरण ने बिल्डर प्रबंधन पर 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया
  • 20 अप्रैल 2025 : ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित गौर सौंदर्यम सोसायटी में दूषित पानी पीने से 40 से अधिक लोग बीमार
  • सात अक्टूबर 2025 : ग्रेटर नोएडा वेस्ट की दिव्या टावर सोसायटी में गंदे पानी की सप्लाई से कई निवासी बीमार
  • छह फरवरी 2025 : ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अरिहंत गार्डन सोसायटी, इको विलेज एक, हवेलियां वेलेनिसिया और पंचशील हायनिश सोसायटी में पानी पीने से दो सौ से अधिक लोग बीमार हुए। जांच में ईकोविलेज वायरस मिलने की पुष्टि हुई।
  • 16 दिसंबर 2025 : ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अजनारा होम सोसायटी में 100 से अधिक लोग बीमार