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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 05, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Supertech Twin Tower: ट्विन टावर के डिमोलिशन पर रिसर्च करेगी CBRI, इन पहलुओं पर इकट्ठा किया जाएगा डाटा

By GeetarjunEdited By:
Updated: Mon, 05 Sep 2022 02:39 PM (IST)

टि्वन टावर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पर केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI) की ओर से रिसर्च की जाएगी। देश में पहली बार 100 मीटर से ऊंचे टावर के ध्वस्तीकरण पर सीबीआरआई की तरफ से अधिक संख्या में डाटा एकत्र किया गया है।

सुपरटेक ट्विन टावर के डिमोलिशन पर रिसर्च करेगी CBRI।
सुपरटेक ट्विन टावर के डिमोलिशन पर रिसर्च करेगी CBRI।

नोएडा [वैभव तिवारी]। टि्वन टावर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पर केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI) की ओर से रिसर्च की जाएगी। देश में पहली बार 100 मीटर से ऊंचे टावर के ध्वस्तीकरण पर सीबीआरआई की तरफ से अधिक संख्या में डाटा एकत्र किया गया है।

इसमें ग्राउंड वाइब्रेसन, बिल्डिंग में पहुंचने वाले वाइब्रेसन, एयर प्रेशर, एयर कंपन, बिल्डिंग गिरने वाली वेलोसिटी, रोटेसन, जमीन व हवा में कंपन की गति सहित अन्य पहलुओं पर जांच पड़ताल कर रिसर्च की जाएगी। सीबीआरआई के प्रमुख वैज्ञानिक व टीम लीडर डीपी कानूनगो ने बताया कि रिसर्च की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। पूरी प्रक्रिया में सात वैज्ञानिक मौजूद थे।

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28 अगस्त को गिराए गए थे ट्विन टावर

नोएडा के सेक्टर-93ए में स्थित सुपरटेक ट्विन टावर (एपेक्स और सियान, Apex and Ceyane Tower) 9 सेकेंड में ही 28 अगस्त को जमींदोज हो गए थे। जिनमें एपेक्स टावर 32 मंजिल और 102 मीटर का ऊंचा और सियान 29 मंजिल का (करीब 95 ऊंचा) था। दोनों टावरों में 9800 छेद किए गए और 3700 किलो विस्फोट लगाया गया था। एडफिस कंपनी के इंडियन ब्लास्टर चेतन दत्ता जब सुपरटेक के दोनों टावर को ध्वस्त करने के लिए ट्रिगर दबाया।

सुपरटेक टावर गिराने से पहले सुबह सात एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज सोसायटी को खाली करा दिया था। 2700 फ्लैट में रहने वाले करीब 7000 लोगों को एक दिन के लिए घर छोड़ना पड़ा था। साथ ही पालतू जानवरों, 3000 वाहनों को भी दूसरी जगह शिफ्ट किया था।