यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
घर का सपना होगा पूरा! सालों पहले खरीदी जमीन अब उगलेगी सोना, यीडा का क्या है मास्टर प्लान 2041
Yamuna Authority यमुना प्राधिकरण ने मास्टर प्लान 2041 में शामिल करते हुए एक दशक पहले खरीदी गई जमीन पर सेक्टर विकसित करने का फैसला किया है। यह जमीन गौत ...और पढ़ें

HighLights
- मास्टर प्लान से बाहर जाकर खरीदी गई थी जमीन।
- मास्टर प्लान 2041 में शामिल होने पर प्राधिकरण विकसित करेगा नए सेक्टर।
अरविंद मिश्रा, ग्रेटर नोएडा। मास्टर प्लान की सीमा को लांघ पर एक दशक पहले खरीदी गई जमीन पर यमुना प्राधिकरण अब सेक्टर विकसित करेगा। करोड़ों रुपये की जमीन प्राधिकरण के लिए अब सोना उगलेगी।
अभी तक यह जमीन किसानों के कब्जे में है, लेकिन मास्टर प्लान 2041 में शामिल होने के बाद सेक्टरों के विकास का रास्ता साफ हो गया है। अभी यह जमीन टुकड़ों में अलग-अलग जगह बंटी है, इस पर सेक्टर विकसित करने के लिए प्राधिकरण को शेष जमीन क्रय करनी होगी।
प्राधिकरण वर्षों बाद अब इस जमीन को करेगा विकसित
यमुना प्राधिकरण (Yamuna Authority) के फेज एक में गौतमबुद्ध नगर व बुलंदशहर के गांव अधिसूचित है। मास्टर प्लान 2021 में केवल 96 गांवों को ही शामिल किया गया था। लेकिन प्राधिकरण के तत्कालीन अफसरों ने मास्टर प्लान से बाहर जाकर दयानतपुर, आकलपुर, बैलाना आदि गांव में 700 एकड़ जमीन खरीद ली। लेकिन छोटे-छोटे टुकड़ों में अलग-अलग जगह खरीदी गई यह जमीन प्राधिकरण के किसी काम की नहीं रही।
मास्टर प्लान से बाहर होने और अलग-अलग जगह टुकड़ों में होने के कारण प्राधिकरण इस जमीन पर आज तक कोई योजना नहीं निकाल पाया। जमीन पर किसानों का ही कब्जा बना रहा, जबकि प्राधिकरण की ओर से जमीन का मूल मुआवजा और 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा भी वितरित कर दिया गया।
प्राधिकरण वर्षों बाद अब इस जमीन को विकसित करेगा। पूर्व में क्रय की गई जमीन को प्राधिकरण ने मास्टर प्लान 2041 में शामिल कर लिया है। इस पर नए सेक्टर नियोजित किए गए हैं, जो जमीन अभी प्राधिकरण ने क्रय नहीं की है, उसे क्रय किया जाएगा ताकि समेकित रूप से सेक्टर विकसित करने में कोई अड़्चन न हो।
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योजना निकालकर होगा भूखंडों का आवंटन
पूर्व में खरीदी गई जमीन पर नए सेक्टर विकसित किए जाएंगे। इन सेक्टरों में आवंटन के लिए भूखंड योजना निकाली जाएगी। आवासीय समेत संस्थागत, कामर्शियल भूखंड योजना में इनका आवंटन होगा।
वर्षों बाद प्राधिकरण के लिए सोना उगलेगी जमीन
प्राधिकरण ने मास्टर प्लान से बाहर जाकर 2012-13 में जमीन खरीदी थी, उस वक्त प्राधिकरण क्षेत्र में मुआवजा और आवंटन दरें काफी कम थीं, लेकिन अब प्राधिकरण क्षेत्र में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कारण जमीन की मांग काफी अधिक बढ़ गई है। कामर्शियल, औद्योगिक श्रेणी में नीलामी के आधार पर आवंटन हो रहा है। हर साल आवंटन दरों में पांच प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हो रही है। प्राधिकरण के लिए अब यह जमीन सोना उगलने को तैयार है।
हाथरस में भी क्रय हुई थी जमीन
मास्टर प्लान से बाहर हाथरस जिले में भी जमीन क्रय की गई थी, उस वक्त फेज दो का मास्टर प्लान तैयार नहीं हुआ था। प्राधिकरण का फेज दो का मास्टर प्लान 2031 अब शासन से स्वीकृत हो चुका है।
पूर्व क्रय की गई जमीन को मास्टर प्लान 2041 में शामिल कर लिया गया है। जमीन अभी समेकित नहीं है। अलग-अलग जगहों पर टुकड़ों में है। शेष जमीन क्रय कर उस पर नए सेक्टर विकसित किए जाएंगे। योजना निकालकर भूखंडों का आवंटन होगा।
डा. अरुणवीर सिंह, मुख्य कार्यपालक अधिकारी यमुना प्राधिकरण