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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Noida News: गीले कचरे के निस्तारण में अब बचेगा खर्च, बनेगा ग्रीन कोयला और बायोगैस

    By Abhishek TiwariEdited By:
    Updated: Wed, 07 Sep 2022 09:05 AM (IST)

    Noida News शहर को कचरा मुक्त बनाने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने कदम बढ़ा दिया है। सीबीजी प्लांट लगाने के लिए दो कंपनियों का चयन किया गया है। निस्तारण में ...और पढ़ें

    Noida News: गीले कचरे के निस्तारण में अब बचेगा खर्च, बनेंगे ग्रीन कोयला और बायोगैस
    Noida News: गीले कचरे के निस्तारण में अब बचेगा खर्च, बनेंगे ग्रीन कोयला और बायोगैस

    नोएडा [कुंदन तिवारी]l शहर से निकलने वाले 800 मीट्रिक टन गीला कचरा को निस्तारित करने और शहर को कचरा मुक्त बनाने की दिशा में नोएडा प्राधिकरण ने कदम बढ़ा दिया है। शहर में गीला कचरा निस्तारण के लिए टोरिफिकेशन (हाई टेंप्रेचर पर गीला कचरे को कंप्रेस कर) के जरिये टोरिफाइड चारकोल (ग्रीन कोयला) तैयार करने और कंप्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) प्लांट लगाने का निर्णय हुआ है।

    बोर्ड बैठक में मिली प्लांट लगाने की अनुमति

    प्राधिकरण ने दो कंपनी एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड और इंडो इनवायरों इंटीग्रेटेड सोल्यूशन लिमिटेड का चयन कर लिया है। बोर्ड बैठक में प्लांट लगाने की अनुमति भी प्रदान कर दी है।

    नियोजन विभाग से प्लांट लगाने के लिए करीब 15 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने को कहा है। प्लांट से सीएनजी गैस और टोरिफाइड चारकोल को तैयार किया जाएगा, जिसके इस्तेमाल से कार्बन उत्सर्जन नहीं होगा। इसके अलावा जैविक खाद भी तैयार होगी।

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    कचरे के निस्तारित में प्रति मीट्रिक टन 986 रुपये होते हैं खर्च

    बता दें कि नोएडा में प्रतिदिन 800 मीट्रिक टन गीला कचरा निकलता है, जिसे डोर टू डोर कलेक्शन के जरिये एकत्रकर सेक्टर-145 स्थित मुबारिकपुर स्थित डंप साइट पर भेजा जाता है। इस कचरे को निस्तारित करने में नोएडा प्राधिकरण को प्रति मीट्रिक टन 986 रुपये खर्च करना पड़ता है।

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    सीबीजी प्लांट लगाने के लिए दो कंपनियों का हुआ चयन

    इससे करीब 28 करोड़ 79 लाख रुपये का राजस्व नुकसान होता है। इससे निजात पाने के लिए प्राधिकरण की ओर से प्रयास किया जा रहा है। पिछले दिनों शहर में गीला कचरा निस्तारण के लिए सीबीजी प्लांट लगाने के लिए कंपनियों को आमंत्रित किया गया था।

    इसमें पांच कंपनियों ने आवेदन किया था, जिसमें से दो कंपनियों एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड और इंडो इनवायरों इंटीग्रेटड सोल्यूशन लिमिटेड का चयन किया गया है।

    प्लांट पर 165 करोड़ रुपये होंगे खर्च

    नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी ने बताया कि एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड शहर में 600 मीट्रिक टन गीला कचरा निस्तारित कर 8.5 एकड़ में प्लांट लगाकर टोरिफाइड चारकोल (ग्रीन कोयला) तैयार करेगा।

    यह प्लांट पर 165 करोड़ रुपये खर्च करेगा। जबकि इंडो इनवायरों इंटीग्रेटेड सोल्यूशन लिमिटेड 80 करोड़ रुपये निवेश कर छह एकड़ जमीन पर 200 मीट्रिक टन का कंप्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) प्लांट संचालित करेगा।