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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 25, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Inspiring Story: नोएडा की डा. मोहिता शर्मा ने हुनर को बनाया समाज सेवा का जरिया, कर रहीं जरूरतमंदों की मदद

By MOHD BilalEdited By: Prateek Kumar
Updated: Sun, 25 Sep 2022 07:25 PM (IST)

ऐसी ही कई शख्सियत हैं जो कि अपने पेशे के समाजसेवा का हुनर भी रखती हैं। इनमें एक हैं तिरुपति आई सेंटर की चेयरपर्सन डाक्टर मोहिता शर्मा। जो जरूरतमंद का न सिर्फ निश्शुल्क उपचार करती हैं बल्कि दवा भी उपलब्ध कराती हैं।

डा. मोहिता शर्मा ने हुनर को बनाया समाज सेवा का जरिया
डा. मोहिता शर्मा ने हुनर को बनाया समाज सेवा का जरिया

नोएडा, जागरण संवाददाता। डाक्टर को धरती पर भगवान का दर्जा दिया गया। शहर में आज भी ऐसे लोग हैं जो अपने फर्ज के साथ समाजसेवा में भी पीछे नहीं हटते। ऐसी ही कई शख्सियत हैं, जो कि अपने पेशे के समाजसेवा का हुनर भी रखती हैं। इनमें एक हैं तिरुपति आई सेंटर की चेयरपर्सन डाक्टर मोहिता शर्मा, जो जरूरतमंद का न सिर्फ निश्शुल्क उपचार करती हैं, बल्कि दवा भी उपलब्ध कराती हैं।

मौलाना आजाद से की हैं एमबीबीएस की पढ़ाई

दिल्ली में जन्मीं डा. मोहिता ने दिल्ली के मौलाना आजाद मेडिकल कालेज से एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद यहीं से आप्थोमोलाजी में एमएस की डिग्री प्राप्त की हैं। जर्मनी के रेगेन्सबर्ग विश्वविद्यालय से रेटिना में फेलोशिप हासिल की है। परिवार की प्रेरणा से नोएडा के सेक्टर-33 में वर्ष-1998 में तिरुपति आई सेंटर की स्थापना की। अस्पताल में गरीब परिवार के लोगों की नेत्र का आपरेशन निश्शुल्क करना शुरू किया है। पिछले 15 वर्षों से यह क्रम जारी है। अब तक आठ हजार से अधिक लोगों का मोतियाबिंद का आपरेशन निश्शुल्क कर चुकी हैं।

कोरोना काल में भी की थीं मदद

डा. मोहिता शर्मा का कहना है कि कोरोना काल में जब देशभर में सभी आंखों के अस्पताल बदल बंद थे। उस दौरान अस्पताल की इमरजेंसी में एक बच्चा अपने अभिभावक के साथ आया था। उसकी आंखों में परेशानी थी। अगर समय पर उसकी आंखों की सर्जरी नहीं की जाती तो वह अपनी आंखों की रोशनी खो देता। अब तक दो लाख से अधिक लोगों का मोतियाबिंद का सफल आपरेशन कर चुकी हैं।

मास्क, पीपीइ किट एवं सैनिटाइजर की थीं दान

डा. मोहिता शर्मा नोएडा आइएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) की सचिव रह चुकी हैं। वर्तमान में उत्तर प्रदेश नेत्र रोग विशेषज्ञ सोसायटी और महिला नेत्र रोग विशेषज्ञ सोसायटी की महासचिव हैं। तिरपति चैरिटेबल की स्थापना कर कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग को मास्क, पीपीई किट, सैनिटाइजर दान किए। स्कूलों में नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर लगाकर बच्चों की आंखों की जांच कर रही हैं।

गांव में शिविर लगाकर करती हैं नि:शुल्क जांच

गांव, सेक्टर, सोसायटी में नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों के आंखों की निश्शुल्क जांच करती हैं। माता मैत्रेयी पुष्पा जानी मानी हिन्दी लेखिक हैं। पिता डा. आरसी शर्मा पेशे से चिकित्सक होने के कारण परिवार से समाज सेवा की प्रेरणा मिलीं। डा. मोहिता बताती हैं कि अगर मन में कुछ ठान लो तो हर मुश्किल आसान होती जाती है। समाज के लिए कुछ करने का जज्बा हो तो कोई भी काम कठिन नहीं हो लगता। इसी प्रेरणा से मरीजों के इलाज के साथ गरीब परिवारों की खोई हुई रोशनी को लौटाने का काम कर रही हैं।

दूसरों का दर्द कम करने की कोशिश 

धरती पर डाक्टर को भगवान का दूसरा रूप कहा जाता है, जो पूरी तरह सही भी है। यह सही है कि ईश्वर जिंदगी, मां जन्म और डाक्टर पुनर्जन्म देते हैं। सेवा भाव के कारण ही समाज में डाक्टरों का अलग ही सम्मान है। इसलिए अपनी व्यस्ततम जिंदगी से समय निकालकर दूसरों का दर्द कम करने का काम करती हैं।

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