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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    नोएडा में विद्युत निगम की लापरवाही, उपभोक्ता को भेजा 4 करोड़ रुपये का बिजली बिल

    Updated: Wed, 24 Jul 2024 11:00 AM (IST)

    नोएडा में विद्युत निगम में बिल में गड़बड़ी रुकने का नाम नहीं ले रही है। लगातार गलत बिलिंग मिलने के बाद उपभोक्ताओं को सही कराने के लिए भी महीनों तक अधि ...और पढ़ें

    नोएडा के निवासी बसंत कुमार को मिला ₹4 करोड़ का बिजली बिल। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
    नोएडा के निवासी बसंत कुमार को मिला ₹4 करोड़ का बिजली बिल। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    HighLights

    1. विद्युत निगम ने उपभोक्ता को भेजा 28.5 हजार गुना अधिक बिल
    2. 24 जुलाई छूट के साथ बिल जमा करने की है अंतिम तिथि

    जागरण संवाददाता, नोएडा। विद्युत निगम की तरफ से मीटर रीडिंग और बिजली बिल बनाने में बरती जा रही लापरवाही लगातार जारी है। नया मामला सेक्टर-122 में सामने आया है। यहां पर विद्युत निगम ने सी-ब्लॉक में रहने वाले उपभोक्ता बसंत शर्मा को जुलाई मास का चार करोड़ दो लाख 31 हजार 842 रुपये का बिजली बिल भेजा है।

    फोन पर बिल देख चौंक गया उपभोक्ता

    फोन पर बिल का मैसेज आते ही उपभोक्ता चौंक गया। रेलवे में कार्यरत बसंत शर्मा वर्तमान में शिमला में प्रशिक्षण ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही मामले को लेकर विद्युत निगम के अधिकारियों से शिकायत करेंगे।

    सीधे 28 हजार गुना अधिक आ गया बिल

    वर्तमान में उनके घर पर घरेलू सहायिका रह रही है। उनका औसत बिल एक हजार रुपये के लगभग रहता है। बीते माह का बिल 14 सौ रुपये का आया है। इस बार का बिल सीधे 28 हजार गुना अधिक आ गया है। सीधे तौर पर यह विद्युत निगम की लापरवाही है।

    24 जुलाई छूट के साथ बिल जमा करने की अंतिम तिथि है। अगर वह तय अवधि तक बिल जमा करते हैं तो उनको दो लाख 84 हजार 969 रुपये की छूट भी मिलेगी। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष उमेश शर्मा ने बताया कि विद्युत निगम की तरफ से मीटर रीडिंग सही नहीं ली जाती है।

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    सेक्टर में पहले भी गलत बिल आते रहे हैं। इसके बाद उपभोक्ता को ही बिल सही कराने के लिए विद्युत निगम के चक्कर लगाने पड़ते हैं। लगातार शिकायतों के बाद भी विद्युत निगम व्यवस्था को दुरूस्त नहीं कर रहा है।

    बिना रीडिंग बिल लेने के लगते रहे हैं आरोप

    विद्युत निगम में मीटर रीडिंग का काम निजी एजेंसी करती है। इसमें मीटर रीडर को प्रति बिल भुगतान होता है। जिले में लगातार गलत बिल बनाने के मामले आते रहते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह गलत मीटर रीडिंग की होती है।

    मीटर रीडर कई बार बिना मौके पर पहुंचे ही रीडिंग ले लेता है। सेक्टर-22 सुदर्शन अवस्थी ने बताया कि पूर्व में उनके सेक्टर में भी मीटर रीडर द्वारा गलत बिलिंग के मामले आ चुके हैं। उन्होंने विद्युत निगम से इसकी शिकायत भी की थी।

    अभी मामला संज्ञान में आया है। यह गलती किसके स्तर पर हुई। इसकी जांच कराएंगे। उपभोक्ता को बिल दुरूस्त कर भेजा जाएगा।

    - हरीश बंसल, मुख्य अभियंता विद्युत निगम