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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Noida: महिला ने एक साथ 3 बच्चियों को दिया जन्म, डिलीवरी होते ही हैरान हुए स्वास्थ्यकर्मी

    By MOHD BilalEdited By: Shyamji Tiwari
    Updated: Wed, 19 Apr 2023 07:28 PM (IST)

    नोएडा के ईएसआईसी अस्पताल में एक महिला ने मंगलवार को एक साथ तीन जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया है। एक साथ तीन बच्चों की डिलवरी होते ही स्वास्थ्यकर्मी जहा ...और पढ़ें

    Noida: महिला ने एक साथ 3 बच्चियों को दिया जन्म
    Noida: महिला ने एक साथ 3 बच्चियों को दिया जन्म

    नोएडा, जागरण संवाददाता। सेक्टर-24 स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआइसी) अस्पताल में एक महिला ने मंगलवार को एक साथ तीन जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया है। एक साथ तीन बच्चों की डिलवरी होते ही स्वास्थ्यकर्मी जहां हैरत में पड़ गए। वहीं स्वजन की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। चिकित्सक के मुताबिक तीनों बच्ची और उनकी मां पूरी तरह से स्वस्थ हैं।

    सिजेरियन से हुआ प्रसव 

    अस्पताल में ऑपरेशन के बाद महिला का प्रसव हुआ है। अस्पताल की डिप्टी मेडिकल सुप्रीटेंडेट (डीएमएस) डा. सोना बेदी का कहना है कि सेक्टर-66 स्थित मामूरा में रहने वाले रविंदर ने अपनी गर्भवती पत्नी को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे सिजेरियन के जरिये प्रसव कराया गया है, जिसके बाद महिला ने तीन बच्चों को जन्म दिया है। जिसमें तीनों लड़की है।

    राहत की बात यह है कि प्रसव के बाद तीनों बच्चियां और मां स्वस्थ हैं। तीनों बच्चियों का वजन क्रमश: 1.55, 1.54, 1.34 किलोग्राम है। फिलहाल तीनों बच्चियों का वजन कम होने के कारण इलाज के लिए तीनों को नर्सरी में रखा गया है। जन्म के बाद एक बच्चे का औसत वजन ढाई किलोग्राम होना चाहिए। इसलिए फिलहाल तीनों बच्चियों की 24 घंटे तक निगरानी की जाएगी।

    सिजेरियन कराने वाली टीम में स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. स्वपना और निश्चेतना विशेषज्ञ डा. अभिजीत शामिल रही। वहीं प्रसव के बाद कुदरत के इस करिश्मे को देखकर हर कोई हैरत में पड़ गया। परिवार में एक साथ तीन बच्चियों की जानकारी होते खुशी व्याप्त है। 

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    कब होते हैं जुड़वा बच्चे

    स्त्री रोग विशेषज्ञ डाक्टरों के मुताबिक जब स्पर्म भ्रूण बनाने के लिए फर्टिलाइज एग तक पहुंचता है तो गर्भधारण होता है। हालांकि, अगर फर्टिलाइजेशन के समय पर गर्भाशय में दो अंडे मौजूद हों या फर्टिलाइज एग दो भ्रूण में बंट जाए तो महिला जुड़वा बच्चों के साथ गर्भवती हो सकती है। जुड़वा बच्चे दो तरह से होते हैं, एक आइडेंटिकल और दूसरा नान-आइडेंटिकल।

    आइडेंटिकल ट्विंस में फर्टिलाइज एग दो भ्रूण में बंट जाता है। यह भ्रूण मोनोजाइगोटिक होते हैं। इसका मतलब है कि इनके आइडेंटिकल जीन्स होते हैं। आइडेंटिकल ट्विंस एक ही लिंग के होते हैं और इनकी शक्ल काफी मिलती-जुलती हो सकती हैं। जब फर्टिलाइजेशन के समय गर्भाशय में दो एग होते हैं और दोनों ही स्पर्म से फर्टिलाइज हो जाते हैं तो नान आइडेंटिकल प्रेग्नेंसी होती है। यह भ्रूण डिजिगोटिक होते हैं जिसका मतलब है कि दोनों बच्चों का लिंग अलग हो सकता है।