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पंचायत की रजामंदी बनाम अदालत की कानूनी प्रक्रिया, क्या गवाहों के मुकरने पर ही बचेंगे निक्की के ससुरालवाले?

Updated: Fri, 29 May 2026 03:48 AM (IST)

निक्की भाटी हत्याकांड में मायके और ससुरालवालों के बीच समझौता होने के बावजूद अदालत इसे स्वीकार नहीं करेगी। आरोपितों को सजा से बचने के लिए गवाहों को अपने पूर्व के बयानों से मुकरना होगा, क्योंकि उन पर गैर-समझौता योग्य धाराएं लगाई गई हैं।

निक्की भाटी हत्याकांड में मायके और ससुरालवालों के बीच समझौता होने के बावजूद अदालत इसे स्वीकार नहीं करेगी।

निक्की भाटी हत्याकांड में मायके और ससुरालवालों के बीच समझौता होने के बावजूद अदालत इसे स्वीकार नहीं करेगी।

HighLights

  1. निक्की भाटी हत्याकांड में समझौता अदालत में मान्य नहीं।

  2. आरोपितों पर लगाई गई धाराएं गैर-समझौता योग्य हैं।

  3. गवाहों के बयान पलटने पर ही मिलेगी राहत।

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। चर्चित निक्की भाटी हत्याकांड में भले ही मायके व ससुरालवाले सुलह समझौता के लिए राजी हो गए हों, लेकिन अदालत के सामने समझौता नहीं कर सकते। वजह पीड़ित पक्ष के आरोपों के अनुसार पुलिस द्वारा आरोपितों के खिलाफ लगाई गईं धाराएं नॉन कंपाउंडेबल यानी समझौता न करने योग्य हैं। ऐसे में अब अदालत के सामने गवाहों के पूर्व में दर्ज कराए गए बयानों से मुकरने की स्थिति में ही सजा से बच सकेंगे।

पिछले वर्ष 21 अगस्त 2025 को कासना कोतवाली अंतर्गत सिरसा गांव स्थित ससुराल में निक्की भाटी की आग जला कर मौत हो गई थी। निक्की की बहन कंचन भाटी जिसकी इसी घर में निक्की के पति विपिन के बड़े भाई रोहित से शादी हुई है। उसी ने अपने पति रोहित और सास ससुर व विपिन पर तहरीर देकर मामला दर्ज कराया था। कंचन ने घटना का खुद को प्रत्यक्षदर्शी बताते हुए ससुरालवालों पर गंभीर आरोप लगाए थे।

पुलिस ने चारों आरोपितों के खिलाफ बीएलएस की धारा 103(1) हत्या, 115(2) जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाना और 61(2) आपराधिक साजिश के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने भी विवेचना पूरी कर करीब 500 पेज की चार्जशीट अदालत के सामने प्रस्तुत की थी।

इसमें मृतका निक्की भाटी के छह वर्षीय बेटे एविश भी बयान दर्ज किए थे। सबसे अहम गवाही एविश की है। उसने बताया था कि दादी ने लाइटर दिया, पापा ने थिनर डालकर जलाया। इसके अलावा अस्पताल का मेमो, घटनास्थल से मिली जली मिट्टी, जले कपड़े, थिनर की बोतल, लाइटर, इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित तमाम वीडियो को भी विवेचना में शामिल किया गया था, जो कि आरोपितों को सजा दिलाने में काफी अहम साबित हो सकते हैं।

फिलहाल अब दोनों पक्षों ने करीबियों व रिश्तेदारों की मौजूदगी में पंचायत में विभिन्न शर्ताें को तय कर आपस में समझौता कर लिया है। कानून के जानकार बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी बोड़ाकी का कहना है कि निक्की भाटी प्रकरण में आरोपितों के खिलाफ जो धाराएं लगाई गईं हैं।

उन धाराओं में कानून आपसी सुलह- समझौता से वाद समाप्त नहीं किया जा सकता। यानी जो धाराएं लगाई गई हैं, वह अदालत के सामने समझौता कराने योग्य नहीं हैं। ऐसे में अब प्रकरण से संबंधित जो गवाह हैं, उनको पूर्व में दर्ज कराए गए बयानों से मुकरने पर ही आरोपित सजा से बच सकेंगे, क्योंकि अदालत साक्ष्यों और गवाहों को ही आधार बना कर फैसला सुनाती है।

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