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    नोएडा एयरपोर्ट पर आपदा प्रबंधन के लिए 16 सुपरस्पेशलिटी अस्पताल तैयार, मरीजों को मिलेगा तत्काल इलाज

    Updated: Wed, 25 Mar 2026 08:38 PM (IST)

    प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन से पहले, गौतमबुद्ध नगर स्वास्थ्य विभाग ने आपदा प्रबंधन के लिए 16 सुपरस्पेशलिटी ...और पढ़ें

    (सांकेतिक तस्वीर)

    (सांकेतिक तस्वीर)

    HighLights

    1. PM मोदी 28 मार्च को नोएडा एयरपोर्ट का करेंगे उद्घाटन

    2. आपदा प्रबंधन हेतु 16 सुपरस्पेशलिटी अस्पताल तैयार किए गए

    3. माइक्रो-प्लान में मथुरा, बुलंदशहर, अलीगढ़ भी जुड़ेंगे

    जागरण संवाददाता, नोएडा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 मार्च को जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। इससे पहले गौतमबुद्ध नगर स्वास्थ्य विभाग ने एयरपोर्ट पर आपदा प्रबंधन से निपटने के लिए सरकारी एवं प्राइवेट 16 सुपरस्पेशलिटी अस्पतालों को तैयार कर लिया है।

    विभाग की योजना है कि जिले में माइक्रो प्लान सफल होने के बाद मथुरा, बुलंदशहर और अलीगढ़ जिले के स्वास्थ्य विभागों को भी जोड़ा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने माइक्रो प्लान में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आपदा से निपटने के लिए सबसे पहले जिला अस्पताल, ग्रेटर नोएडा का जिम्स, बाल चिकित्सा एवं स्नातकोत्तर संस्थान और सीएचसी सहित 16 अस्पतालों को शामिल किया है।

    अस्पतालों के प्रबंधकों को दूरी और उपयोगिता के आधार पर जिम्मेदारी दी गई है, जिससे आपातकालीन स्थिति में मरीजों एवं घायलों को तत्काल अस्पताल लाकर इमरजेंसी और आईसीयू में उच्च स्तरीय इलाज दिया जा सके।

    ट्रामा सेंटर को भी माइक्रो-प्लान में जोड़ा जाएगा

    उप-मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंदन सोनी का कहना है कि नोएडा एयरपोर्ट से सबसे नजदीक बड़ा अस्पताल 7.9 किलोमीटर पर है। इसके बाद निर्धारित दूरी पर अन्य अस्पताल शामिल हैं। उनकी योजना है जल्द ही ट्रामा सेंटर को भी माइक्रो-प्लान में जोड़ा जाएगा।

    यही नहीं, जनपद में अस्पतालों में बर्न-यूनिट की व्यवस्था होने के बाद स्वास्थ्य विभाग मथुरा, बुलंदशहर, अलीगढ़ व हरियाणा-फरीदाबाद के अस्पताल प्रबंधकों से संपर्क किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि एयरपोर्ट में हवाई जहाज के संबंधित आपातकालीन मामलों में 30 मिनट से लेकर एक घंटे तक गोल्डन ऑवर होते हैं।

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    ऐसे में मरीज को नजदीक के अस्पताल पहुंचाकर तत्काल इलाज देना महत्वपूर्ण होता है। इस कारण से जनपद के 16 अस्पतालों को माइक्रो-प्लान में शामिल किया है। अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाईं एवं समस्त सुविधाएं पूरी रखने की सम्पूर्ण जानकारी शासन को भी भेजी जाएगी।