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    नोएडा में 8 बिल्डरों पर शिकंजा! प्राधिकरण का 2000 करोड़ बकाया, अब जब्त-नीलाम होगी संपत्ति

    Updated: Sat, 04 Apr 2026 05:30 AM (IST)

    नोएडा प्राधिकरण अमिताभ कांत रिपोर्ट की सिफारिशों का पालन न करने वाले आठ बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। इन बिल्डरों पर लगभग ₹2000 करोड़ बकाया है ...और पढ़ें

    बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में प्राधिकरण। फाइल फोटो

    बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में प्राधिकरण। फाइल फोटो

    HighLights

    1. 8 बिल्डरों पर नोएडा प्राधिकरण का ₹2000 करोड़ बकाया।

    2. अमिताभ कांत रिपोर्ट की सिफारिशें नहीं मानी, कार्रवाई शुरू।

    3. प्राधिकरण जब्त करेगा संपत्ति, नीलामी से होगी वसूली।

    कुंदन तिवारी, नोएडा। बिल्डर-बायर्स विवाद का निपटारा कराने के लिए शासन ने नोएडा प्राधिकरण में अमिताभकांत रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू कराया था।

    इससे लंबे समय से आशियाना का इंतजार कर रहे खरीदरों की रजिस्ट्री कराई जा सके, लेकिन प्राधिकरण में 57 बिल्डर में आठ बिल्डर ऐसे रहे, जिन्होंने न तो अमिताभकांत रिपोर्ट की सिफारिसों का लाभ लिया, न ही लाभ लेने के लिए प्राधिकरण में संपर्क किया, न ही प्राधिकरण का बकाया जमा किया।

    इससे प्राधिकरण का दो हजार रुपये बिल्डरों के पास फंसा है। इससे शहर की विकास परियोजनाओं पर असर पड़ रहा है। यदि यह रकम प्राधिकरण के खाते में आती तो उसको विकास कार्यो पर खर्च किया जाता, आम जन को इसका लाभ मिलता है।

    बिल्डरों को जारी किया नोटिस

    अब प्राधिकरण ऐसे बिल्डरों पर कार्रवाई करने जा रहा है। ऐसे 8 बिल्डरों के खिलाफ प्राधिकरण कार्रवाई करने जा रहा है। इन सभी बिल्डरों को नोटिस जारी किया जा चुका है। इन बिल्डर की अनसोल्ड इनवेंट्री और संपत्ति खंगाल रही है। इनको सीज किया जाएगा। इसके बाद नीलामी करके बकाया वसूला जाएगा।

    बता दें कि नोएडा में 57 बिल्डर परियोजना को लाभ देने की योजना बनायी गई थी। 28 हजार करोड़ का बकाया था। बकाया वापस लाने और बायर्स की रजिस्ट्री के लिए शासन ने अमिताभ कांत रिपोर्ट की सिफरिश लागू की। 22 बिल्डर ने सिफारिश के तहत कुल बकाया का 25 प्रतिशत जमा करा दिया।

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    14 ऐसे है जिन्होंने सहमति दी लेकिन अब तक पैसा नहीं दिया। वहीं 15 बिल्डर वो जिन्होंने कुछ पैसा जमा किया। जबकि आठ वो है जिन्होंने न तो सहमति दी और न ही वो सामने आ रहे है।

    प्राधिकरण अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी ने बताया कि इन आठ बिल्डर पर अब करीब दो हजार करोड़ रुपये बकाया है। इन बिल्डरों को पहले फेज में इस बकाया का महज 25 प्रतिशत यानी 251.40 करोड़ रुपये जमा करना था, यह पैसा जमा होने से 533 बायर्स की रजिस्ट्री हो सकेगी।

    यदि यह बिल्डर बकाया पूरा 1171.94 करोड़ जमा करते है तो करीब 2123 बायर्स की रजिस्ट्री हो सकती थी। आकड़ो को देखे तो इन 8 बिल्डरों 10328 यूनिट सेंक्शन है। जिसमें 9348 यूनिट बन चुकी है। 4850 यूनिट का ओसी जारी हो चुका है।

    इसमें 3839 की रजिस्ट्री हो चुकी है। बाकी काम अधूरा है। इन बिल्डरों की साइट पर प्राधिकरण पहले ही बोर्ड लगा चुका है। ऐसे में अब इन पर कार्रवाई होने जा रही है।

    इन बिल्डरों पर होगा कार्रवाई

    (नोट: बकाया राशि अमिताभ कांत रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर तय की गई है)

    कंपनी का नाम बकाया राशि (करोड़ में)
    आइवीआर प्राइम (IVR Prime) ₹ 659.92 करोड़
    आरजी रेजीडेंसी (RG Residency) ₹ 170.00 करोड़
    फ्यूटेक शेल्टर प्राइवेट लिमिटेड ₹ 114.71 करोड़
    गार्डेनिया इंडिया लिमिटेड ₹ 111.84 करोड़
    एमपीजी रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड ₹ 38.92 करोड़
    एजीसी रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड ₹ 20.80 करोड़
    मनीषा कीबी प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड ₹ 0.38 करोड़