नोएडा बोर्ड बैठक के फैसले: 799 फ्लैट्स की रजिस्ट्री न होने की होगी जांच, एसटीपी एवं सिटी लॉजिस्टिक प्लान किए मंजूर
नोएडा प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सेक्टर-125 में 799 फ्लैट मालिकों की रजिस्ट्री न ...और पढ़ें

सेक्टर 6 स्थित नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक करते अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त और नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक कुमार। जागरण
HighLights
799 फ्लैट मालिकों की रजिस्ट्री न होने की होगी जांच।
नालों के किनारे एसटीपी बनाने और सिटी लॉजिस्टिक प्लान मंजूर।
रुके रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स व भूखंड योजना पर भी निर्णय।
जागरण संवाददाता, नोएडा। सेक्टर-125 में एयरफोर्स नेबेल हाउसिंग बोर्ड को आवंटित भूमि पर 799 घर मालिकों की रजिस्ट्री नहीं हो सकी है। यह मामले प्राधिकरण में पहुंचे। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई नोएडा प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक में फ्लैट्स में त्रिपक्षीय उप-पट्टा (सब-लीज) दस्तावेज की रजिस्ट्री न होने की लंबी समस्या का समाधान निकालने के लिए एसीईओ की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय कमिटी बनाई गई है।
नालों के किनारे एसटीपी बनाए जाएंगे
जानकारी के मुताबिक, आवासीय समितियों को आवंटित की गई भूमि में फ्लैट खरीदने वाले सदस्यों (सब्सीक्वेंट मेंबर्स) को सोसायटी से एनओसी मिलने के बावजूद त्रिपक्षीय सब-लीज दस्तावेज रजिस्टर्ड नहीं हो सका। कमेटी इसकी जांच कर हल निकालेगी। बोर्ड बैठक में करीब सात प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। शहर के नालों (ड्रेन) की सफाई और शुद्धिकरण के लिए नालों के किनारे और उसके समीप एसटीपी बनाए जाएंगे। एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) ई-टेंडर के माध्यम से आमंत्रित किया जाएगा।
एसटीपी बनाने वाली कंपनी इसका पांच वर्ष तक अनुरक्षण कार्य भी देखेगी। बोर्ड मीटिंग में मूल निवासियों (कृषक श्रेणी) के लिए लंबे समय से लंबित आवासीय भूखंड योजना को पूरा करने की दिशा निर्णय लिया गया है। बोर्ड ने आवासीय भूखंड योजना वर्ष 2021 में आवंटित 644 भूखंडों के अलावा शेष बचे भूखंडों का आवंटन शेष पात्र आवेदकों के बीच ड्रा के माध्यम से करने को मंजूरी दे दी है।
सिटी लाॅजिस्टिक प्लान को मिली मंजूरी
सिटी लाॅजिस्टिक प्लान के लिए एसपीए (स्कूल ऑफ प्लानिंग आर्किटेक्ट) दिल्ली या आइआइटी रुड़की प्रस्तुति देगी। बढ़ते जाम को लेकर शहर में सिटी लाॅजिस्टिक प्लान (सीएलपी) तैयार करने के लिए मंजूरी दी गई है। सलाहकार संस्था के चयन के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। इस प्रक्रिया एसपीए दिल्ली या आईआईटी रुड़की से विशेषज्ञों द्वारा प्रेजेंटेशन कराया जाएगा।
यह प्लान नोएडा में माल वाहनों की सुचारू आवाजाही, ट्रक काॅरिडोर, लाॅजिस्टिक्स हब और सस्टेनेबल प्रैक्टिस पर केंद्रित होगा। शहर में जाम कम होगा, प्रदूषण घटेगा और ई-कामर्स व इंडस्ट्री से जुड़ी डिलीवरी तेज होगी।
बोर्ड ने यूनिफाइड रेगुलेशंस 2025 के वाणिज्यिक, संस्थागत एवं औद्योगिक विभाग से जुड़े प्रावधानों में आंशिक संशोधन को मंजूरी दे दी है। ये संशोधन निवेशकों व डेवलपर्स की लंबी मांग पर आधारित हैं। पुराने नियमों में आने वाली अड़चनों को दूर करने का कार्य करेगा।
इसमें एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो), ग्राउंड कवरेज, सेटबैक, बेसमेंट उपयोग और अन्य बिल्डिंग बायलाज में व्यावहारिक बदलाव शामिल हो सकते हैं।
न्यायालय के आदेश पर जारी होगी सशर्त ओसी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सेक्टर-150 के स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े लंबित मामलों पर महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का अनुपालन करते हुए सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्लॉट एससी-02/एचएंडआई को सशर्त ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट) जारी करने के निर्णय को अवलोकित किया है।
यह प्रमाण पत्र पहले ही जारी किया जा चुका है, बोर्ड ने इसे अब औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी। स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट एससी-02, के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई जारी रखने के भी स्पष्ट निर्देश दिए। टाटा यूरेका पार्क में भी अब सशर्त ओसी मिल सकेगी।
कार्रवाई तेज करने का निर्णय लिया गया
बोर्ड मीटिंग में पुरानी रुकी हुई रियल एस्टेट परियोजनाओं (लिगेसी स्टाॅल्ड प्रोजेक्ट्स) के बायर्स के लिए सकारात्मक समीक्षा हुई। बोर्ड ने उत्तर प्रदेश सरकार के शासनादेश के तहत लागू नीति/पैकेज की प्रगति रिपोर्ट का अध्ययन किया। दिसंबर 2025 तक इनमें से 36 प्रोजेक्ट्स (लगभग 60 प्रतिशत) ने सफलतापूर्वक नीति का लाभ उठाया है। राहत पैकेज लाभ से अधिक रजिस्ट्री और बिल्डराें से वसूली पर कार्रवाई तेज करने का निर्णय लिया गया।
