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नोएडा में महर्षि भूमि घोटाले पर ED की बड़ी कार्रवाई, प्राधिकरण के दो अधिकारी-कर्मचारी समेत 3 से पूछताछ

Published: Tue, 29 Sep 2026 01:55 AM (IST)

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महर्षि भूमि घोटाला प्रकरण में नोएडा प्राधिकरण के दो अधिकारी-कर्मचारियों समेत तीन लोगों को पूछताछ के ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।

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HighLights

  1. ईडी ने नोएडा भूमि घोटाले में तीन लोगों को पूछताछ के लिए उठाया।

  2. नोएडा प्राधिकरण के दो अधिकारी-कर्मचारी भी हिरासत में लिए गए।

  3. जांच में वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता की संभावना बढ़ गई है।

कुंदन तिवारी, नोएडा। महर्षि भूमि घोटाला प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने नोएडा प्राधिकरण में तैनात दो अधिकारी-कर्मचारियों समेत तीन लोगों को पूछताछ के लिए उठाया है। सभी को उनके घरों से उठाए जाने की जानकारी मिली है।

इनमें से एक अधिकारी महाप्रबंधक का पीएस है, जबकि दूसरा वर्क सर्किल दस का सुपरवाइजर है, तीसरा जमीन पर निर्माण करने वाली एजेंसियों का लाइजनर बताया जा रहा है।

ये लोग भूमि घोटाला प्रकरण में जिन 34 एजेंसियों को 45 खसरा नंबरों की जमीन बेची है, उन्हें निर्माण कार्य में संरक्षण देने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के लिए सुविधा शुल्क के रूप में नकद राशि लेने व दिलाने का काम कर रहे थे।

गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की 

जांच टीम को इन एजेंसियों से भारी मात्रा में कैश फ्लो की जानकारी मिली, जिसके आधार पर रविवार को इन लोगों तक टीम पहुंची। हालांकि, ईडी ने हिरासत और गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है।

सूत्रों कहना है कि बिसरख थाना क्षेत्र स्थित एक गांव से वर्क सर्किल दस के प्राधिकरण सुपरवाइजर को उठाने का प्रयास केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने किया, तो ग्रामीणों के साथ बहस होने लगी।

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सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने जांच टीम से बिना सूचना आने को लेकर कड़ा एतराज जताया, लेकिन बाद में मामला शांत हो गया और जांच को वहां से जाने दिया गया।

सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी जिन जमीन खरीदने वाली एजेंसियों पर शिकंजा कस रही थी, उनके कई प्राइवेट मल्टीपल लाकर दिल्ली में मिले हैं। इनमें भारी मात्रा में कैश और दस्तावेज मौजूद थे। इन लाकरों में सामान रखने और निकालने की प्रक्रिया बहुत जल्दी जल्दी की गई, जिससे इन लोगों के लाकरों की पुष्टि हुई।

अब बताया जा रहा है कि इस प्रकरण में प्राधिकरण के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के फंसने की संभावना है। सलारपुर खादर के खसरा संख्या 700 से 711, 723, 724, 728 से 735, 745 से 752, 759, 760, 762 से 764, 779, 780 और 795 से 798 समेत कई खसरे जांच के दायरे में हैं।

भंगेल बेगमपुर के खसरा संख्या 176, 178, 217, 221, 223, 225, 226, 247, 250 और 251 प्राधिकरण ने चिह्नित किया है, जिन पर अवैध फ्लैट बन रहे है, जिन्हें प्राधिकरण ने रुकवाया था।

उगाही का भी आरोप

किसी भवन या भूखंड का मानचित्र प्राधिकरण ने स्वीकृत नहीं किया है, इसके बावजूद यहां बड़े पैमाने पर निर्माण हुआ और फ्लैट तैयार कर दिए गए। अब जांच का अहम सवाल यह है कि बिना मानचित्र स्वीकृत हुए निर्माण होने के बावजूद प्राधिकरण स्तर से प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की।

सूत्रों के मुताबिक इस पूरे मामले में उगाही किए जाने का आरोप भी सामने आया है। आरोप है कि उगाही एक व्यक्ति के जरिये की जा रही थी, जो प्राधिकरण से जुड़े लोगों और निर्माण कराने वालों के बीच कड़ी का काम कर रहा था।

ईडी पूछताछ में इसी कड़ी की भूमिका और पैसों के लेनदेन की जानकारी जुटा रही है। पूछताछ के दौरान इस मामले में जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आने की संभावना है।

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