नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की नई पहचान, राजकीय पक्षी 'सारस' बना लोगो; योगी सरकार का 'विकास के साथ विरासत' का संदेश
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अपनी वैश्विक ब्रांड पहचान के लिए उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस को अपना नया लोगो बनाया है। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यना ...और पढ़ें

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नया लोगो सारस बना पहचान
HighLights
नोएडा एयरपोर्ट ने सारस को अपना नया प्रतीक (लोगो) बनाया।
यह योगी सरकार के 'विकास के साथ विरासत' विजन दर्शाता है।
लोगो तकनीक और पर्यावरण संतुलन का प्रतीक बनकर उभरा है।
डिजिटल डेस्क, जेवर। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अपनी ब्रांड पहचान को खास और वैश्विक स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस को अपने प्रतीक (लोगो) के रूप में अपनाया है। यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस विजन को दर्शाती है, जिसमें विकास के साथ सांस्कृतिक पहचान और पर्यावरणीय संतुलन को भी समान महत्व दिया जा रहा है। सारस उत्तर प्रदेश का राजकीय पक्षी होने के साथ-साथ समृद्ध परंपरा और प्रकृति का प्रतीक है। एयरपोर्ट के लोगो में इसे शामिल करना राज्य की विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की एक सार्थक पहल है, जो योगी सरकार के “विकास के साथ विरासत” के दृष्टिकोण को मजबूत करती है।
डिजाइन में तकनीक और इको-फ्रेंडली सोच का मेल
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लोगो को पतली और एकीकृत रेखाओं से तैयार किया गया है, जो गति, कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का संकेत देती हैं। नीले-हरे रंग का ग्रेडिएंट तकनीकी प्रगति और पर्यावरण संरक्षण के संतुलन को दर्शाता है, जो योगी आदित्यनाथ की ग्रीन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट नीति के अनुरूप है।
उड़ान में छिपा विकास और सकारात्मकता का संदेश
लोगो में उड़ता सारस प्रगति, आत्मविश्वास और नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ते उत्तर प्रदेश का प्रतीक है। यह राज्य को एक वैश्विक निवेश और कनेक्टिविटी हब बनाने के विजन को भी दर्शाता है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का यह प्रतीक न केवल इसकी ब्रांडिंग को मजबूत कर रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान को भी अलग और प्रभावी बना रहा है। यह एयरपोर्ट अब केवल एक परिवहन केंद्र नहीं, बल्कि संस्कृति, आधुनिकता और सतत विकास का प्रतीक बनकर उभर रहा है।