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डिजिटल अरेस्ट से लेकर शेयर बाजार तक... हर जालसाजी का तोड़ा नेटवर्क, नोएडा पुलिस ने वापस दिलाए ठगी के 75.10 करोड़ रुपये

Published: Fri, 05 Jun 2026 10:43 AM (IST)

गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने साढ़े तीन साल में 141 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी की रकम फ्रीज की, ...और पढ़ें

गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने साढ़े तीन साल में 141 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी की रकम फ्रीज की। फाइल फोटो

गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने साढ़े तीन साल में 141 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी की रकम फ्रीज की। फाइल फोटो

HighLights

  1. साढ़े तीन साल में 141 करोड़ से अधिक की रकम फ्रीज।

  2. पीड़ितों को 75 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि वापस दिलाई।

  3. साइबर ठगी के खिलाफ जागरूकता अभियान और कानूनी मदद।

जागरण संवाददाता, नोएडा। गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस ने साढ़े तीन साल में साइबर ठगी के 141 करोड़ से ज्यादा रुपये फ्रीज कराए। पुलिस ने इसमें 75 करोड़ रुपये से ज्यादा पीड़ितों के बैंक खातों वापस दिलाए। पुलिस आयुक्त ने पीड़ितों को निशुल्क विधिक मदद दिलाने के लिए 30 अधिवक्ताओं का एक पैनल भी बनाया। उधर, कमिश्नरेट पुलिस लोगों को जागरूक करने के लिए स्कूल, कालेज, सोसायटी में साइबर जागरुकता अभियान भी चला रही।

साइबर ठग आमजन शेयर बाजार में निवेश के जाल में फंसाकर कर ठगी कर रहे हैं। साइबर ठग लोगों को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी कर रहे हैं। एयरपोर्ट पार्सल गिफ्ट फ्राड, सेक्सटार्सन, मैट्रिमोनियल फ्राड, लोन फ्राड, ओएलएक्स फ्राड, फेक कस्टमर केयर नंबर फ्राड, फेक विज्ञापन फ्रॉड के नाम पर भी ठगी हो रही है। ऐसे मामले कमिश्नरेट पुलिस के संज्ञान में आए तो तत्काल कार्रवाई की। पीड़ितों की शिकायत पर मामले दर्ज किए।

ठगी में सलिप्त बैंक खातों की जानकारी जुटाई। पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बताया कि कमिश्नरेट पुलिस ने एक दिसंबर 2022 से 31 मई 2026 तक साइबर क्राइम से जुड़ी 141.74 करोड़ रुपये से अधिक की रकम को फ्रीज कराया। इतना ही नहीं कमिश्नरेट पुलिस ने 75.10 करोड़ रुपये से ज्यादा पीड़ितों को वापस दिलाए। डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल ने बताया कि पुलिस ने दिल्ली, बंगाल, झारखंड, मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा से लेकर 15 से ज्यादा राज्यों से साइबर ठगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजवाया।

साइबर ठगी के मामले

  • केस 1- जून 2024 में नैनीताल बैंक सर्वर हैकिंग प्रकरण में 16 करोड़ की साइबर ठगी हुई थी। ठगों ने नैनीताल बैंक के सर्वर में सेंधमारी 16 करोड़ रुपये उड़ाए थे। पुलिस ने सर्वर लाग, नेटवर्क फारेंसिक, बैंकिंग ट्रांजैक्शन एवं डिजिटल ट्रेल का तकनीकी विश्लेषण किया। ठगी में संलिप्त नाइजीरियन नागरिक सहित आठ ठगों को गिरफ्तार किया।
  • केस 2- फिसिंग ई-मेल के माध्यम से 1.55 करोड़ के विदेशी भुगतान के दौरान ठगी हुई थी। एक कंपनी को उसके यूके स्थित वेंडर के नाम से फर्जी ई-मेल भेजकर बैंकिंग विवरण बदलवाकर ठगी की गई थी। पुलिस ने बैंकिंग संस्थाओं से प्रभावी समन्वय व सूझबूझपूर्ण विवेचना से 1.55 करोड़ की धनराशि सुरक्षित रूप से वापस कराई।
  • केस-तीन- 2025 में एक कंपनी को उसके जर्मनी स्थित वेंडर के नाम से फर्जी ई-मेल भेजकर बैंक खाता विवरण परिवर्तित कराया गया था। ठगों ने पांच करोड़ की विदेशी मुद्रा राशि साइबर ठगों ने अपने खाते में स्थानांतरित करा ली थी। कमिश्नरेट पुलिस ने कंपनी प्रबंधन को पूरी रकम वापस कराई।

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