नोएडा में 3500 रजिस्ट्री कर 3035 करोड़ का हुआ गलत लेन-देन, आयकर की जांच में कमियां उजागर
गौतमबुद्ध नगर में संपत्ति पंजीकरण में बड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं। आयकर विभाग की जांच में पता चला कि चार साल में 3500 से अधिक रजिस्ट्रियों में गलत प ...और पढ़ें

सेक्टर-33 स्थित निबंधन कार्यालय। जागरण आर्काइव

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
प्रवेंद्र सिंह सिकरवार, नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के निबंधन विभाग में आयकर की जांच में कई कमियां उजागर हुईं हैं। बीते चार वर्षों में एक हजार से अधिक पैन कार्ड गलत टाइपिंग और अन्य त्रुटियों की वजह से गलत फीड हुए। 2500 से अधिक लोगों ने रजिस्ट्री कराते वक्त गलत पैन कार्ड लगाए।
यह कार्य एजेंट और बैनामा लेखकों ने गांव की भूमि और जीपीए (जनरल पावर ऑफ अटार्नी) में किए। रजिस्ट्री के वक्त खसरे की दूसरी जगह रजिस्ट्री हुई। इस रजिस्ट्री में गलत पैन कार्ड लगाया गया। यह पैन कार्ड गलत थे या किसी और व्यक्ति के नाम से थे। आयकर विभाग की जांच में गौतमबुद्ध नगर के रजिस्ट्री विभाग में बडी गडबडियां सामने आई हैं।
शनिवार को भी खुला सब रजिस्ट्रार कार्यालय
सेक्टर-33 स्थित सब रजिस्ट्रार कार्यालय शनिवार को भी खुला। आयकर की जांच के बाद यहां गलत फीड हुए पैन कार्ड को सही से फीडिंग करना और रजिस्ट्री में गलत लगे पैन कार्ड का रिकॉर्ड खंगाया गया। इस तरह के 3500 से अधिक रजिस्ट्री कराने वालों की दस्तावेजों समेत जानकारी आयकर को सौंपी जाएगी।
गांव में आबादी समेत डूब क्षेत्र में अरबों की कीमती जमीन लाेगों को बेची गई। यहां हुई रजिस्ट्रियों में गलत या फर्जी पैन कार्ड का उपयोग हुआ। बीते चार वर्षों ऐसे हजारों मामले दर्ज हुए। निबंधन विभाग के पैन कार्ड की जांच का कोई एक्सेस नहीं होने से यह गड़बडियां पकडी नहीं जा सकीं।
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निबंधन विभाग वर्ष में दो बार स्टेटमेंट आफ फाइनेंसियल ट्रांजेक्सन (एसएफटी) जमा करता है। आयकर विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया तो मामला 3035 करोड़ से अधिक के गलत लेन देन के मामले में फंस गया। आयकर की टीम मामले में जांच कर रही है।
पैन कार्ड की जांच का नहीं था कोई एक्सेस
निबंधन विभाग के पास पैन कार्ड की जांच का एक्सेस नहीं था। छह माह पूर्व यह एक्सेस मिला तो रजिस्ट्री के वक्त पैन कार्ड की जांच की जाने लगी है। इससे पहले रजिस्ट्री कराने वाले लोग खुद पैन नंबर भरते थे। बिना जांच के यह रजिस्ट्री के वक्त फीड होता था।
टाइपिंग की गलती से फीड हुए पैन कार्ड को ठीक से दोबारा अपलोड किया जा रहा है। जिन लोगों ने रजिस्ट्री में गलत पैन नंबर दिया उसके लिए फाइलें देख रहे हैं। आयकर विभाग को लोगों के नाम और उनसे जुडी सभी जानकारी दे दी जाएंगी। आयकर टीम नोटिस जारी कर रिकवरी कर सकती है। छह माह पूर्व निबंधन विभाग को पैन कार्ड जांचने का एक्सेस मिला है।
-अरुण कुमार शर्मा, एआइजी-1, गौतमबुद्ध नगर