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जेवर एयरपोर्ट पहुंचेगा स्विट्जरलैंड का कनेक्शन, राष्ट्रपति पार्मेलिन के दौरे से बढ़ेंगी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की उम्मीद

Published: Mon, 05 Oct 2026 06:45 AM (IST)

स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दौरा करेंगे, जिससे भारत-स्विट्जरलैंड के कारोबारी और तकनीकी संबंधों को मजबूती मिलेगी।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अंदर का दिखता शानदार नजारा। जागरण

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अंदर का दिखता शानदार नजारा। जागरण

HighLights

  1. राष्ट्रपति पार्मेलिन जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दौरा करेंगे।

  2. यह दौरा भारत-स्विट्जरलैंड के कारोबारी और तकनीकी संबंधों को मजबूत करेगा।

  3. नोएडा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के विस्तार में मदद मिलेगी।

जागरण संवाददाता, जेवर (ग्रेटर नोएडा)। ज्यूरिख से जेवर तक स्विट्जरलैंड का विमानन कनेक्शन कल एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंचेगा। स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन का दौरा भारत-स्विट्जरलैंड के बढ़ते कारोबारी और तकनीकी संबंधों के लिहाज से खास होगा।

राष्ट्रपति के साथ कारोबारी और अकादमिक प्रतिनिधियों का दल भी भारत आ रहा है। उनका यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब एयरपोर्ट घरेलू और कार्गो उड़ानों के बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल से संचालित हो रही अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का कुछ हद तक नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी मिलेगा।

आर्थिक संबंधों को मजबूती

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विकास और संचालन ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की शत-प्रतिशत सहायक कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (यापल) कर रही है। फिलहाल घरेलू और मालवाहक उड़ानों से शुरुआत हुई है और आगे चरणबद्ध तरीके से उड़ान नेटवर्क बढ़ाया जा रहा है।

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जेवर पहुंच रहे राष्ट्रपति पार्मेलिन के दौरे में यात्री टर्मिनल के साथ कार्गो टर्मिनल की व्यवस्थाओं को भी दिखाए जाने की तैयारी है। प्रतिनिधिमंडल को एयरपोर्ट के संचालन, यात्री सुविधाओं और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी।

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एयरपोर्ट का डिजाइन और संचालन माडल स्विस विशेषज्ञता से जुड़ा होने के कारण यह दौरा स्विट्जरलैंड के लिए भी खास माना जा रहा है।

जेवर एयरपोर्ट का यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि ज्यूरिख एयरपोर्ट समूह ने नोएडा एयरपोर्ट को अपने अंतरराष्ट्रीय विमानन कारोबार के विस्तार की प्रमुख परियोजनाओं में शामिल किया है। ऐसे में राष्ट्रपति का जेवर दौरा भारत-स्विट्जरलैंड आर्थिक संबंधों के साथ दोनों देशों के विमानन क्षेत्र के बढ़ते जुड़ाव को भी रेखांकित करेगा।

ज्यूरिख के वैश्विक नेटवर्क से जेवर को मिल सकता है फायदा

ज्यूरिख एयरपोर्ट के अंतरराष्ट्रीय संचालन के अनुभव का लाभ नोएडा एयरपोर्ट को भी मिलने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक ज्यूरिख एयरपोर्ट समूह वर्तमान में अपने ज्यूरिख हब से 212 गंतव्यों के लिए 67 एयरलाइनों का संचालन देख रहा है।

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नोएडा एयरपोर्ट के संचालन की जिम्मेदारी भी इसी समूह की 100 प्रतिशत सहायक कंपनी यापल के पास है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के विस्तार के दौरान समूह का वैश्विक अनुभव और एयरलाइन नेटवर्क विकसित करने की क्षमता जेवर एयरपोर्ट के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

दौरा स्विस विमानन निवेश और भारत में बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्टों की संभावनाओं को समझने का भी महत्वपूर्ण अवसर होगा।

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