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महाराष्ट्र-कर्नाटक के बाद यूपी बना देश का तीसरा बड़ा स्टार्टअप हब, नोएडा सबसे आगे

Updated: Thu, 13 Aug 2026 03:16 AM (IST)

उत्तर प्रदेश स्टार्टअप इकोसिस्टम में देश का तीसरा सबसे बड़ा हब बन गया है, जिसमें नोएडा प्रमुख केंद्र है। यहां महिला उद्यमियों और युवाओं की भागीदारी से आईटी, हेल्थकेयर, रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में हजारों स्टार्टअप शुरू हुए हैं।

उत्तर प्रदेश स्टार्टअप इकोसिस्टम में देश का तीसरा सबसे बड़ा हब बन गया है। इमेज एआई

उत्तर प्रदेश स्टार्टअप इकोसिस्टम में देश का तीसरा सबसे बड़ा हब बन गया है। इमेज एआई

चेतना राठौर, नोएडा। उत्तर प्रदेश अब सिर्फ उद्योग और निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि स्टार्टअप इकोसिस्टम में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। स्टार्टअप इंडिया की पांचवीं राज्य रैंकिंग में उत्तर प्रदेश को टाप परफार्मर श्रेणी में जगह मिली है। महाराष्ट्र और कर्नाटक के बाद यूपी देश का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बनकर उभरा है।

प्रदेश में स्टार्टअप गतिविधियों का सबसे बड़ा केंद्र नोएडा है। इसके साथ ही लखनऊ, गाजियाबाद और कानपुर भी तेजी से उभरते स्टार्टअप हब के रूप में अपनी जगह बना रहे हैं।

इन शहरों में युवाओं के साथ-साथ महिला उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी प्रदेश के स्टार्टअप परिदृश्य को नई दिशा दे रही है। नोएडा में महिला नेतृत्व वाले कारोबार और स्टार्टअप के क्षेत्र मे पहचान बनाई है। पिछले कुछ वर्षों में 12 हजार से अधिक महिला ने अपने कारोबार और स्टार्टअप शुरू कर आत्मनिर्भरता की राह चुनी है।

7 हजार से ज्यादा स्टार्टअप युवाओं ने चुने

शहर के युवा एनीमेशन से लेकर आईटी तक अपना स्टार्टअप शुरू कर उद्योग के क्षेत्र में अपना पैर पसार रहे हैं। जहां 55 तरह के करीब 7 हजार से ज्यादा स्टार्ट अप युवाओं ने चुना है। जिला उद्योग केंद्र से मिले आंकड़ों के अनुसार शहर के युवा सबसे ज्यादा आईटी क्षेत्र में अपना स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं।

अब तक करीब 1158 युवाओं ने आईटी क्षेत्र में अपनी कंपनी शुरू की। अकेले 966 ऐसे स्टार्टअप हैं जिनका डीपीआइआइटी में पंजीकरण हो चुका है। 15 ऐसे हैं जिन्होंने अपनी कंपनी को इस लायक बनाया जो 801 एसी का लाभ उठा रहे हैं। वहीं आइटी के बाद हेल्थकेयर एंड लाइफ साइंसेज में सबसे ज्यादा युवाओं ने स्टार्टअप शुरू किया।

करीब 557 युवाओं ने अपनी कंपनी शुरू की। 453 में औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) में अपना पंजीकरण कराया। इसके बाद शिक्षा क्षेत्र में 437, प्रोफेशनल एंड कमर्शियल सर्विस क्षेत्र में 412, खानपान में 401 युवाओं ने अपनी कंपनी शुरू की।

रोबोटिक्स के क्षेत्र में युवा बना रहे करियर

युवा अब सिर्फ पारम्परिक क्षेत्रों में ही बल्कि राबिक्स, कंप्यूटर से उठकर खुद की एआइ बेस्ड कंपनी भी तैयार कर रहे हैं। यह कंपनियां देश के विभिन्न क्षेत्रों में काम को आसान करने, वैश्विक साफ्टवेयर, क्लाउड पर निर्भरता कम करने में अपना अहम योगदान देते हैं। अब तक 31 युवाओं ने अपने खुद के रोबोट बनाना शुरु कर दिया है।

कृषि का क्षेत्र नवाचार के लिए बना पसंदीदा

युवा अब किसानों के काम को आसान बनाने के लिए नई तकनीकों पर तो काम कर ही रहे हैं। एग्रीकल्चर क्षेत्र में 207 और 64 युवाओं ने खुद की वेस्ट मैनेजमेंट करने वाली कंपनी शुरू की।

जिले में 21 इनक्यूबेटर 

जिलेभर में कुल 21 इनक्यूबेटर संचालित किए जा रहे हैं। इनमें एमिटी विश्वद्यालय, बैनेट विश्विद्यालय, बिमटेक, गलगोटिया, गौतमबुद्ध विश्विद्यालय, जिम्स, आईआईएम लखनऊ का नोएडा कैंपस, जेएसएस, नैसकाम समेत अन्य के इनक्यूबेटर कार्यरत हैं।

टॉप सरकारी इनक्यूबेशन सेंटर

  • गौतमबुद्ध विश्विद्यालय - 81
  • आईआईएम नोएडा कैंपस - 35
  • सीएमआईआई जिम्स - 34
  • यूपीआईडी - 29

टॉप 5 गैर सरकारी इनक्यूबेटर

  • एनआइइटी टेक्नोलॉजी - 149
  • जीएल बजाज रिसर्च - 114
  • शारदा लान्चपैड - 74
  • लायड और आईआईआईएमटी - 60
  • बिरला बिमटेक - 47

पंजीकृत स्टार्टअप

  • पंजीकृत स्टार्टअप - 7723
  • डीपीआईआईटी से पंजीकृत - 6146
  • 801 एसी के लाभार्थी - 87

जिले में इंक्यूबेटर के माध्यम से युवाओं को स्टार्टअप नवाचार पर करने की मदद मिल रही है। जिले में युवाओं के साथ महिलाएं भी अपना रूझान दिखा रही हैं। अब इन्हें बढ़ावा देने के लिए सरकार नई योजना के तहत स्टार्टअप के लिए निवेश भी उपलब्ध करा रही है।
-पंकज निर्वाण, उद्योग उपायुक्त गौतमबुद्ध नगर