YEIDA के नोटिस से उड़ी आवंटियों की नींद, भूखंड बचाने के लिए काटने लगे दफ्तर के चक्कर
यीडा ने बकाया भुगतान और रजिस्ट्री न कराने वाले औद्योगिक भूखंड आवंटियों को निरस्तीकरण नोटिस जारी किए हैं। इससे आवंटियों की नींद उड़ गई है, और वे अपने क ...और पढ़ें

औद्योगिक श्रेणी के आवंटियों की नींद यीडा के नोटिस ने उड़ा दी है।
HighLights
यीडा ने औद्योगिक भूखंड आवंटियों को निरस्तीकरण नोटिस दिए।
करोड़ों के भूखंड बचाने को आवंटी यीडा कार्यालय पहुंचे।
बकाया भुगतान और रजिस्ट्री के लिए 30 अप्रैल तक मौका।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। बकाया भुगतान और चेक लिस्ट जारी होने के बावजूद रजिस्ट्री कराने में आनाकानी कर रहे औद्योगिक श्रेणी के आवंटियों की नींद यीडा के नोटिस ने उड़ा दी है। यीडा ने उन्हें आवंटन रद करने का चेतावनी का नोटिस देते हुए अपना पक्ष रखने का अंतिम मौका दिया है।
करोड़ों का भूखंड हाथ से निकालता देख आवंटी उसे बचाने के लिए यीडा कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। बकाया भुगतान और रजिस्ट्री कराने भरोसा अधिकारियों को देखकर आवंटन रद न करने का गुहार लगा रहे हैं।
यीडा ने 2013 में औद्योगिक भूखंड की पहली योजना निकाली
दरअसल यीडा ने 2013 में औद्योगिक भूखंड की पहली योजना निकाली थी। तब से लेकर अब तक यीडा 3031 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन कर चुका है, लेकिन भी औद्योगिक सेक्टर वीरान पड़े हैं। पहले किसानों के साथ जमीनी विवाद के कारण कब्जा देने में विलंब हुआ और अब चेकलिस्ट जारी हो के बाद भी आवंटी रजिस्ट्र कराने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।
रजिस्ट्री के लिए निश्शुल्क दिया गया समय विस्तार भी समाप्त हो चुका है। आवंटियों पर यीडा का करोड़ों रुपया भी बकाया फंसा हुआ है जो आवंटी रजिस्ट्री कराकर भूखंड पर कब्जा ले चुके हैं, वो भी इकाई निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृत कराने को लेकर उदासीन बने हुए हैं।
भूखंड निरस्तीकरण की चेतावनी के नोटिस जारी
प्राधिकरण ने ऐसे आवंटियों को चिह्नित कर भूखंड निरस्तीकरण की चेतावनी के नोटिस जारी कर सुनवाई का मौका दिया है। एसीईओ शैलेंद्र भाटिया का कहना है कि 66 नोटिस जारी हो चुके हैं। नोटिस केे बाद आवंटी अपना पक्ष रखने के लिए यीडा कार्यालय पहुंच रहे हैं।
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भूखंड आवंटन को बचाने के लिए बकाया भुगतान के साथ ही रजिस्ट्री भी जल्द से जल्द कराने का अधिकारियों को भरोसा दे रहे हैं। आवंटियों को तीस अप्रैल तक इसके लिए मौका दिया गया है। अगले चरण में अन्य आवंटियों को नोटिस जारी किया जाएगा।
लाखों के भूखंड की कीमत करोड़ों में
यीडा में महज कुछ साल पहले लाखों रुपए में खरीदे गए भूखंड की आज बाजार में कीमत करोड़ों रुपए में हो चुकी है। इसलिए भूखंड आवंटन का मतलब सीधे करोड़ों रुपए का नुकसान है।
इसके साथ ही पहले औद्योगिक भूखंड लाटरी से आवंटित करने की नीति लागू थी, लेकिन अब आठ हजार वर्गमीटर तक के भूखंड नीलामी के आधार पर आवंटित किए जा रहे हैं। इसलिए अधिक से अधिक बोली लगाकर ही यीडा में अब औद्योगिक भूखंड मिल सकता है जो नया उद्यम लगाने के लिए उद्यमियोंं के सामने बड़ी चुनौती है।