नोएडा इंजीनियर मौत मामला: SIT रिपोर्ट के बाद 3 पुलिसकर्मी निलंबित, असंतुष्ट पिता बोले- हताशा में डूबा हूं
इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। हालांकि, मृतक के पिता राजकुमार मेहता इस कार्रवाई से असंतुष्ट हैं और बड़े अधिकारियों को बचाने का आरोप लगा रहे हैं।

कार्रवाई पर युवराज के पिता ने जताया असंतोष। फाइल फोटो
HighLights
एसआईटी रिपोर्ट पर तीन पुलिसकर्मी निलंबित किए गए।
युवराज के पिता कार्रवाई से असंतुष्ट, बड़े अधिकारियों पर सवाल।
बचाव कार्य में लापरवाही की जांच पर चिंता।
गजेंद्र पांडे, ग्रेटर नोएडा। इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में गठित एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। उक्त कार्रवाई की अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद ने भी पुष्टि की है।
वहीं बेटे को आंखों के सामने मौत के आगोश में समाते देखने वाले बेबस पिता राजकुमार मेहता भी अब तक की कार्रवाई से असंतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि वह हताशा में डूबे हैं।
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि भविष्य में किसी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी, ऐसी भी आशंका है। सोसायटीवासियों में भी प्रकरण में अभी तक सिर्फ छोटे कर्मियों पर कार्रवाई कर बड़े अधिकारियों को बचाने के लिए जांच रिपोर्ट में लीपापोती किए जाने की चर्चा है।
17 जनवरी को हुई थी मौत
नालेज पार्क कोतवाली अंतर्गत सेक्टर 150 स्थित बेसमेंट के लिए खोदे प्लाट में भरे पानी में कार समेत डूबकर करीब 98 दिन पहले यानी 17 जनवरी की रात यूरेका सोयायटी निवासी इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई थी।
घटना का कारण खतरनाक मोड़ पर यातायात से संबंधित संकेतक बैरिकेडिंग आदि नहीं होना। महज 70 फीट दूरी पर पानी में कार पर जान बचाने की गुहार लगा रहे युवराज को बचाने के लिए रस्सी, ट्यूब, स्टीमर आदि संसाधन नहीं मंगाए गए।
जबकि मौके पर दमकल और पुलिस विभाग के 80 कर्मी मौजूद थे, उन्होंने भी उसे बचाने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किए।
करीब पौने दो घंटे संघर्ष के बाद पिता राजकुमार मेहता की आंखों के सामने युवराज ढूब गया था। घटना के बाद सोसायटी वासियों ने नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया था कि कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से मोड़ पर सुरक्षा के इंतजाम कराने की मांग कर चुके थे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई थी।
3 पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई शुरू
अब एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर घटना वाली रात पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात रहे असिस्टेंट रेडियो आफिसर ऐशपाल सिंह और रिजर्व सब इंस्पेक्टर देवेंद्र शर्मा समेत तीन कर्मियों को दोषी ठहराते हुए निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सूत्रों का कहना है कि पुलिस विभाग द्वारा एसआईटी को जो रिपोर्ट सौंपी गई थी। उसमें इन्हीं तीन कर्मियों की लापरवाही दिखाते हुए आरोपित बनाया गया था। उसी के आधार पर एसआईटी ने शासन को जांच रिपोर्ट सौंप कर इनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर दी थी। जबकि अन्य विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही को नजर अंदाज कर दिया।
SIT की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करने पर जताई चिंता
बेटे की मौत को तीन माह से अधिक होने को हैं। अभी तक एसआईटी की जांच रिपोर्ट का सार्वजनिक नहीं किया जाना बेहद चिंताजनक है। मैं हताशा में डूबा हूं, इस बात को लेकर भी चिंतित हूं की भविष्य में किसी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
ऐसा कहना है इंजीनियर युवराज मेहता के पिता राजकुमार मेहता का। उनका कहना है कि पानी में कार समेत डूब रहे बेटे को बचाने में कई स्तर पर लापरवाही बरती गई है। प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था।
जांच रिपोर्ट में लापरवाही बरतने अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम पता चलेंगे और उन पर कार्रवाई होगी। ताकि भविष्य में इस स्तर की लापरवाही से किसी अन्य के बेटे के साथ युवराज जैसी घटना नहीं हो।
फिलहाल राजकुमार मेहता अभी लंदन में अपनी बेटी के पास हैं। मोबाइल फोन पर उनके से संपर्क किया गया। उन्होंने जून में अंतिम सप्ताह तक यूरेका सोसायटी स्थित अपने घर आने की बात कही है।
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