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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP: मिठास के नाम पर जहर! जांच में फेल हुआ शहद का ये ब्रांड; कोर्ट ने लगाया 75 हजार रुपये जुर्माना

Published: Sun, 04 May 2025 04:27 PM (IST)

पीलीभीत में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक दुकान से शहद का नमूना लिया जो परीक्षण में मिलावटी पाया गया। नमूने ...और पढ़ें

शहद में पाई गई मिलावट, विक्रेता व वितरक पर जुर्माना। (तस्वीर जागरण)
शहद में पाई गई मिलावट, विक्रेता व वितरक पर जुर्माना। (तस्वीर जागरण)

HighLights

  1. शहद में पाई गई मिलावट, विक्रेता व वितरक पर जुर्माना
  2. जुर्माना की धनराशि एक माह के भीतर राजकोष में जमा कराने के आदेश

जागरण संवाददाता, पीलीभीत। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर में एक दुकान से शहद का नमूना लेकर सील करने के बाद परीक्षण के लिए खाद्य विश्लेषक को भिजवाया। परीक्षण में नमूना फेल हो गया। नमूना में मिलावट पाई गई।

इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से अपर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में विक्रेता व वितरक के विरुद्ध वाद दायर किया गया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने विक्रेता पर 25 हजार रुपये एवं वितरक पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

कोर्ट ने लगाया जुर्माना

शहर की लोहा मंडी के चौराहा पर गुप्ता एंड ब्रादर्स की दुकान पर बिकने वाले शहद की गुणवत्ता खराब होने की शिकायत एक उपभोक्ता ने फोन पर जिलाधिकारी से की थी। इसके बाद डीएम के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पिछले साल पहली अगस्त को संबंधित प्रतिष्ठान पर पहुंचकर निरीक्षण किया।

इस दौरान व्यापार मंडल के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। मौके पर मुहल्ला गोपाल सिंह निवासी आलोक कुमार गुप्ता मिले। उन्होंने प्रतिष्ठान का मालिक उसी मुहल्ले के जितेंद्र कुमार गुप्ता को बताया। निरीक्षण के दौरान वहां खाद्य तेल, मसाले, दाल, बिस्कुट, हनी आदि बिक्री के लिए भंडारित पाए गए।

भंडारित लगभग आठ पैकेट हनी मल्टी फ्लोरा ब्रांड हितकारी 500 ग्राम में से चार पैकेट खरीदकर नमूना सील किया गया। इसे परीक्षण के लिए लखनऊ स्थित खाद्य विश्लेषक के पास भिजवाया गया। विक्रेता ने कहा कि यह शहद जेपी रोड स्थित फर्म सईद संस से खरीदा गया।

जांच में नमूना फेल पाया गया

जांच में नमूना फेल हो गया। खाद्य विश्लेषक ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि शहद के नमूने में चावल के सिरप की उपस्थिति को इंगित करता है, इसलिए नमूना घटिया है। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) के न्यायालय में वाद दायर किया गया।

न्यायालय की ओर से विक्रेता आलोक कुमार गुप्ता, प्रतिष्ठान के मालिक जितेंद्र कुमार गुप्ता एवं वितरक सईद संस को नोटिस जारी किए गए। प्रतिपक्षी अपने अधिवक्ता के साथ न्यायालय में उपस्थित हुए। उनके अधिवक्ता ने आपत्ति प्रस्तुत की। न्यायालय ने सुनवाई के उपरांत विक्रेता व प्रतिष्ठान के मालिक पर 25-25 हजार रुपये व वितरक पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही जुर्माना की धनराशि एक माह के भीतर राजकोष में जमा कराने का आदेश पारित किया।

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