निपुण परीक्षा परिणाम: अलीगढ़ बना प्रदेश का 'कैप्टन', बरेली-पीलीभीत की रिपोर्ट कार्ड देख रह जाएंगे दंग!
निपुण परीक्षा के परिणाम घोषित हो गए हैं, जिसमें अलीगढ़ ने 66% स्कूलों के साथ प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। इसके विपरीत, पीलीभीत के केवल 31% ...और पढ़ें

निपुण परीक्षा
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को परखने के लिए आयोजित की गई निपुण परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इस परीक्षा में प्रदेश स्तर पर अलीगढ़ जनपद ने बाजी मारी है, जबकि रुहेलखंड क्षेत्र के बरेली और पीलीभीत जिले का प्रदर्शन काफी खराब रहा है। अलीगढ़ के 66 प्रतिशत स्कूलों ने निपुण लक्ष्य हासिल कर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसके विपरीत, बरेली मंडल के जिलों में शिक्षा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
पीलीभीत के 1171 स्कूलों में से केवल 374 विद्यालय ही निपुण घोषित हो सके हैं, जो कुल संख्या का मात्र 31 प्रतिशत है। वहीं, बरेली की स्थिति और भी खराब है, जहां 1946 स्कूलों में से मात्र 21 प्रतिशत यानी 427 विद्यालय ही निपुणता की कसौटी पर खरे उतरे हैं।
निपुण परीक्षा 2026: बरेली मंडल और प्रमुख जिलों का प्रदर्शन
| जिला | कुल मूल्यांकित विद्यालय | निपुण विद्यालयों की संख्या | सफलता का प्रतिशत | प्रदेश में स्थिति |
| अलीगढ़ | - | - | 66% | प्रथम (अव्वल) |
| शाहजहांपुर | 2177 | 916 | 42% | मंडल में श्रेष्ठ |
| पीलीभीत | 1171 | 374 | 31% | खराब प्रदर्शन |
| बदायूं | 1762 | 399 | 22% | चिंताजनक |
| बरेली | 1946 | 427 | 21% | काफी खराब |
| जौनपुर | - | - | 10% |
प्रदेश की इस सूची में जौनपुर जनपद सबसे निचले पायदान पर है, यहां केवल 10 प्रतिशत स्कूलों को ही निपुण विद्यालय का दर्जा मिल सका है। किसी भी विद्यालय को निपुण विद्यालय तभी घोषित किया जाता है जब उस स्कूल की कक्षा-एक और कक्षा-दो के कम से कम 80 प्रतिशत छात्र निपुण लक्ष्य हासिल कर लेते हैं।
फरवरी 2026 में आयोजित इस मूल्यांकन प्रक्रिया का उद्देश्य छात्रों में भाषा और अंकगणित की आधारभूत समझ विकसित करना था। मंडल के जिलों में पिछड़ने का मुख्य कारण शिक्षण कार्य में लापरवाही और बुनियादी ढांचे की कमी को माना जा रहा है।
शासन की मंशा है कि प्रदेश के सभी प्राथमिक स्कूलों को जल्द से जल्द निपुण बनाया जाए, लेकिन पीलीभीत और बरेली के खराब आंकड़ों ने विभागीय दावों की पोल खोल दी है।
इन परिणामों के बाद अब संबंधित जिलों के शिक्षा अधिकारियों पर दबाव बढ़ गया है। माना जा रहा है कि कम प्रदर्शन करने वाले ब्लाकों और स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के विरुद्ध विभाग जल्द ही कार्रवाई कर सकता है।
यह भी पढ़ें- बदायूं मर्डर केस में बड़ा एक्शन: HPCL अधिकारियों के हत्यारोपितों की 11 दुकानों पर गरजा बुलडोजर, देखें तस्वीरें