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    बाघों के बाद अब इस राजकीय पक्षी का 'गढ़' बना पीलीभीत, गणना में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

    Updated: Sun, 05 Jul 2026 12:45 AM (IST)

    पीलीभीत में बाघों के बाद अब राजकीय पक्षी सारस की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ग्रीष्मकालीन गणना में कुल 108 सारस पाए गए, जिसमें बीसलपुर रेंज ...और पढ़ें

    खेतों में मौजूद सारस। फाइल फोटो सौ से वन विभाग

    खेतों में मौजूद सारस। फाइल फोटो सौ से वन विभाग

    HighLights

    1. बाघों के संरक्षण में अवार्ड जीत चुके पीलीभीत का प्राकृतिक परिवेश राजकीय पक्षी के भी अनुकूल

    जागरण संवाददाता, पीलीभीत। बाघों की दहाड़ के लिए दुनियाभर में अपनी पहचान बना चुका तराई का जिला पीलीभीत, अब प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस के कलरव से भी चहक रहा है। पीटीआर में एक तरफ बाघों का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है। वहीं अब जिले के प्राकृतिक और जलीय परिवेश में सारस की संख्या ने भी सौ का आंकड़ा पार कर लिया है।

    सामाजिक वानिकी प्रभाग की ओर से जारी ग्रीष्मकालीन सारस गणना के आंकड़े जिले के प्राकृतिक पर्यवास की खुशहाली का संकेत दे रहे हैं। पीलीभीत को मुख्य रूप से बाघों के सुरक्षित हैबिटेट के रूप में जाना जाता है।

    बाघों की आबादी तेजी से दोगुनी करने पर पीटीआर को टीएक्स-टू और बेहतरीन प्रबंधन के लिए कैट्स मएक्रेडिशन जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित अवार्डों से नवाजा जा चुका है। एनटीसीए के आधिकारिक आंकड़ों की बात करें तो यहां 71 से अधिक बाघ मौजूद हैं। जबकि पिछले वर्ष हुई आंतरिक गणना में यह आंकड़ा 79 दर्ज किया गया था।

    जंगल में 22 शावकों की मौजूदगी से भविष्य में यह कुनबा और भी तेजी से बढ़ने का अनुमान है। बाघों की इसी सफलता की तर्ज पर अब तराई का पर्यावास सारस के लिए भी वरदान साबित हो रहा है।

    सामाजिक वानिकी प्रभाग की ओर से 22-23 जून को प्रभाग की तीनों रेंज में की गई ग्रीष्मकालीन सारस गणना के परिणामों के अनुसार पीलीभीत में सारसों की संख्या बढ़कर 108 पहुंच गई है। इनमें 98 वयस्क और 10 बच्चे शामिल हैं। अगर इसकी तुलना बीते वर्ष की गई शीतकालीन गणना से करें, तो तब जिले में कुल 98 सारस पाए गए थे।

    इसमें 89 वयस्क व नौ बच्चे शामिल थे। आंकड़ों पर गौर करें तो बीसलपुर रेंज सारस का सबसे पसंदीदा ठिकाना बनकर उभरी है। यहां सर्वाधिक 65 सारस देखे गए हैं, जिनमें 55 वयस्क और 10 बच्चे शामिल हैं। इस रेंज के ग्राम गोहनिया में सबसे अधिक 18 सारस अपना बसेरा बनाए हुए हैं।

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    जबकि बमरोली झाबर और चौरस हरदो पट्टी में 8-8 सारस देखे गए हैं। इसके अलावा, पीलीभीत रेंज के विभिन्न गांवों के आसपास कुल 25 वयस्क सारस पाए गए। पूरनपुर रेंज के घाटमपुर, घुंघचिहाई और हरदोई ब्रांच नहर के किनारे भी 18 वयस्क सारसों की उपस्थिति दर्ज की गई है।

    वन्यजीव जानकारों का मानना है कि सारस के कुनबे में हुई यह वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि जिले की आबोहवा, नम भूमि और जलीय परिवेश प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस के प्रजनन और सुरक्षित पर्यावास के लिहाज से पूरी तरह अनुकूल है।

     

    जिले में राजकीय पक्षी सारस का कुनबा बढ़ना एक बेहद सुखद संकेत है। ग्रीष्मकालीन गणना में इनकी संख्या 108 पहुंचना यह प्रमाणित करता है कि तराई की नम भूमि और प्राकृतिक परिवेश सारस के पर्यावास व प्रजनन के लिए पूरी तरह अनुकूल है। वन विभाग इनके संरक्षण और ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

    - भरत कुमार डीके, डीएफओ सामाजिक वानिकी


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