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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व सफारी गाड़ियों पर टैक्सी परमिट अनिवार्य, परिवहन विभाग ने कसा शिकंजा

Published: Mon, 03 Nov 2025 06:29 PM (IST)

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में सफारी गाड़ियों के लिए टैक्सी परमिट अनिवार्य कर दिया गया है। परिवहन विभाग ने अवैध वाहनों ...और पढ़ें

पीलीभीत टाइगर रि‍जर्व

पीलीभीत टाइगर रि‍जर्व

HighLights

  1. परिवहन विभाग की ओर से पीटीआर को लिखा गया पत्र, कई ने गाड़ियां कराईं पंजीकृत

  2. परिवहन विभाग की सख्ती, नियम उल्लंघन पर कार्रवाई

वैभव मिश्रा, जागरण, पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की जंगल सफारी में दौड़ती गाड़ियों पर भी टैक्सी परमिट का नियम लागू होगा। रोमांच और पर्यटन के नाम पर सफारी चलाने वालों को अब परिवहन विभाग के दायरे में आएगें। विभाग ने इसके लिए पीटीआर प्रशासन को पत्र भेजकर स्पष्ट कर दिया है कि सफारी में प्रयोग होने वाले वाहनों को टैक्सी परमिट लेना अनिवार्य होगा। अब सफारी में कामर्शियल रुप से चलने वाली बाइकों पर भी पीली प्लेट लगेगी। इनको भी टैक्स अदा करना होगा। इससे परिवहन विभाग को लाभ होगा।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व स्थापित होने के बाद पर्यटकों को चूका और अन्य जंगल की सैर कराने के लिए जंगल सफारी लगाई गई थी, जोकि पीटीआर की ओर से निर्धारित किए गए किराये पर पर्यटकों को जंगल की सैर करती थी। इसके एवज पीटीआर की ओर से वाहन का 300 रुपये शुल्क लिया जाता था। अब वर्तमान में शुल्क में बढ़ोतरी कर दी गई है। यह गाड़ियां अभी तक कामर्शियल श्रेणियों से बाहर थी।

करीब 80 से अधिक जंगल सफारी और जिप्सी संचालित हो रही है। इनमें अधिकतर गाड़ियां कामर्शियल नहीं है। जोकि बिना रोड टैक्स अदा किए ही व्यवसाय में चल रही हैं। परिवहन विभाग की नियमावली के तहत व्यवसाय में प्रयोग होने वाले वाहन कामर्शियल की श्रेणी में आते हैं। जिन्हें परिवहन विभाग को टैक्स अदा करना होता है। यह टैक्स वाहनों की कैटगरी पर निर्धारित किया जाता है।

इन सब न‍ियमों को देखते हुए एआरटीओ वीरेंद्र सिंह की ओर से जंगल सफारी पर भी रोड टैक्स लागू किया जा रहा है। इसको लेकर उनकी ओर से विभाग के जिम्मेदारों को भी पत्र जारी किया है। इसमें उन्होंने पीटीआर में चलने वाली जंगल सफारियों को कामर्शियल कराने के लिए लिखा है। हालांकि इस व्यवस्था के लागू होने के बाद जंगल सफारी संचालकों में रोष है।

संचालकों की ओर से तर्क द‍िया जा रहा है क‍ि वह जंगल परिधि में वाहन चला रहे हैं। इसके ल‍िए वह पीटीआर को टैक्स देते हैं, लेकिन अब रोड टैक्स भी देना होगा। पत्र जारी होने के बाद कई वाहनों स्वामियों ने वाहन को कामर्शियल में तब्दील भी करा लिया है।

 

पीलीभीत टाइगर रिजर्व की जंगल सफारी में दौड़ती गाड़ियों पर भी टैक्सी परमिट का नियम लागू होगा। रोमांच और पर्यटन के नाम पर सफारी चलाने वालों को अब परिवहन विभाग के दायरे में आएगें। विभाग ने इसके लिए पीटीआर प्रशासन को पत्र भेज दिया है। साथ ही कामर्शियल रुप से चलने वाली बाइकों पर भी पीली प्लेट लगेगी।

वीरेंद्र सिंह, एआरटीओ पीलीभीत

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