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30 साल बाद सिंचाई विभाग को वापस मिला 'हवा महल', SSB कैंप हटने के बाद अब शुरू हुआ ये बड़ा काम

Published: Tue, 22 Sep 2026 04:52 PM (IST)

सिंचाई विभाग को 30 साल बाद चूका हेड पर स्थित 'हवा महल' भवन वापस मिल गया है, जिसे अब शारदा ...और पढ़ें

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HighLights

  1. चूका हेड पर बने भवन में शुरू हुई मरम्मत, अब यहीं से होगी शारदा सागर डैम की निगरानी

बहजत खान, कलीनगर (पीलीभीत)। तहसील क्षेत्र में शारदा सागर डैम के किनारे चूका हेड पर स्थित हवा महल भवन करीब 30 वर्ष बाद एक बार फिर सिंचाई विभाग के कब्जे में आ गया है। करीब तीन दशक पहले तक इसी भवन से सिंचाई विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शारदा सागर डैम की निगरानी और संबंधित कार्यों को संचालित करते थे।

नेपाल सीमा से सटा संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण तत्कालीन अधिकारियों के निर्देश पर बाद में यह भवन सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को सौंप दिया था। इसके बाद यहां एसएसबी का कैंप स्थापित हो गया और भवन का उपयोग सीमा सुरक्षा से जुड़े कार्यों के लिए किया जाने लगा।

समय बीतने के साथ शारदा सागर डैम की निगरानी व्यवस्था को लेकर सिंचाई विभाग के सामने कई तरह की दिक्कतें आने लगीं। डैम की सुरक्षा, जलस्तर, बांध क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों तथा आसपास के क्षेत्र की निगरानी के लिए विभाग को अपने ही पुराने भवन की आवश्यकता महसूस हुई।

इसी को देखते हुए सिंचाई विभाग की ओर से एसएसबी के अधिकारियों से पत्राचार किया गया और हवा महल भवन को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की गई।

पत्राचार और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद एसएसबी ने करीब 30 वर्ष बाद हवा महल भवन को सिंचाई विभाग के शारदा सागर खंड को सौंप दिया।

भवन वापस मिलने के बाद सिंचाई विभाग ने इसे डैम की निगरानी के लिए उपयोग में लेने की तैयारी शुरू कर दी है। फिलहाल भवन की मरम्मत, साफ-सफाई और आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया गया है।

सिंचाई विभाग द्वारा हवा महल भवन में शारदा सागर डैम नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जा रहा है। नियंत्रण कक्ष शुरू होने के बाद डैम की निगरानी और विभागीय गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। डैम के जलस्तर और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए यह स्थान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अवैध गतिविधियों पर भी रहेगी नजर

शारदा सागर डैम और इसके आसपास मछली पकड़ने, साइबेरियन पक्षियों का शिकार समेत अन्य अवैध गतिविधियों की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं।

नियंत्रण कक्ष शुरू होने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारी और कर्मचारी डैम क्षेत्र में होने वाली ऐसी गतिविधियों पर भी नजर रख सकेंगे। इससे डैम की सुरक्षा के साथ-साथ जलाशय क्षेत्र में होने वाली अनधिकृत गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

नेपाल सीमा से सटा होने के कारण चूका हैड और शारदा सागर डैम का क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में सिंचाई विभाग को अपना नियंत्रण कक्ष मिलने से डैम की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

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