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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    भैंस ने खुद सुलझा लिया अपना विवाद, थाने में पुलिस के सामने चुना अपना मालिक, यूपी के इस जिले का मामला

    Updated: Sat, 06 Jul 2024 06:00 AM (GMT+05:30)

    उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से भैंस से जुड़े विवाद सामने आया। मामले में भैंस अपना विवाद खुद ही सुलझा लिया। दरअसल दो पक्ष एक दूसरे पर भैंस चोरी का आर ...और पढ़ें

    भैंस जिसकी थी उसी के पास जाने से उसको दिलवा दी गई।
    भैंस जिसकी थी उसी के पास जाने से उसको दिलवा दी गई।

    HighLights

    1. दो पक्ष एक दूसरे पर लगा रहे थे चोरी का आरोप
    2. थाने पहुंचा मामला तो तुरंत हो गया फैसला

    जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। रामपुर की तरह भैंस यहां भी खोई थी, लेकिन गनीमत रही कि उसे खोजने की चिंता पुलिस को नहीं करनी पड़ी। भैंस ने यह मामला स्वयं ही सुलझा लिया। झूरी के दो बैल ‘हीरा और मोती’ की कहानी तो आपने सुनीं होगी, लेकिन कुंडा में भैंस की कहानी इससे भी ज्यादा रोचक है।

    यह है पूरा मामला 

    एक भैंस के लिए दो पक्ष भिड़े थे। एक-दूसरे को चोर ठहरा रहे थे। मामला महेशगंज थाने पहुंचा तो पुलिस भी इस विवाद में घनचक्कर हो गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने से बाहर कर दिया। पुलिस ने भैंस को खूंटे से छोड़ा तो महज चंद मिनट में ही विवाद सुलझ गया। 

    भैंस नंदलाल सरोज के पास चली गई। उसने अपनत्व दिखाते हुए हाथ फेरा तो सभी बोल पड़े बेजुबान भी अपने को पहचान लेते हैं। पुलिस ने नंदलाल को भैंस ले जाने की अनुमति दे दी। हालांकि, दूसरा पक्ष हंगामा करने लगा। बाद में उसे समझाबुझाकर वापस कर दिया गया।

    राय असकरन पुर निवासी नंद लाल की भैंस मंगलवार को चरने गई थी। शाम को घर वापस नहीं आई। खोजबीन शुरू की गई तो पता चला कि उसकी भैंस पूरे हरिकेश गांव में हनुमान सरोज के यहां बंधी है। 

    नंद लाल बुधवार को हनुमान सरोज के घर पहुंचा तो उसने अपनी भैंस बताते हुए देने से इन्कार कर दिया। शिकायत मिलने पर पुलिस ने दोनों पक्षों को भैंस के साथ थाने बुलाया। गुरुवार सुबह दोनों पक्ष थाने पहुंचे। भैंस के शरीर में बने निशान के बाबत पूछताछ कर मामले को निस्तारित करने का प्रयास किया गया, लेकिन फिर भी पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी।

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    दारोगा को सूझा उपाय

    दारोगा अवधेश शर्मा को एक उपाय सूझा, उन्होंने दोनों पक्षों को थाने के बाहर निकाल दिया और गेट बाहर खड़ा कर दिया। भैंस को खुला छोड़ दिया। भैंस नंदलाल के पास पहुंच गई। एसओ श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि भैंस जिसकी थी उसी के पास जाने से उसको दिलवा दी गई।

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