मिनी नंदिनी योजना में 10 गायों पर 11.80 लाख रुपये का अनुदान, योजना में ऋण लेने की अनिवार्यता खत्म
नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना पशुपालकों को उन्नत नस्ल की 10 गायों की इकाई स्थापित करने के लिए 11.80 लाख रुपये तक का अनुदान ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
10 गायों की इकाई पर 11.80 लाख रुपये का अनुदान।
योजना का लक्ष्य पशुपालकों की आय व दुग्ध उत्पादन बढ़ाना।
आवेदन की अंतिम तिथि 21 जुलाई, ऋण की अनिवार्यता समाप्त।
जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत संचालित मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना पशुपालकों के लिए सुनहरा अवसर लेकर आई है। योजना के तहत उन्नत नस्ल की 10 गायों की इकाई स्थापना पर अधिकतम 11.80 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा। इसके लिए आनलाइन आवेदन आने लगे हैं, प्रक्रिया 21 जुलाई तक चलेगी।
इस योजना से पशुपालकों की आय बढ़ेगी। दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा। पशुपालन विभाग की महत्वाकांक्षी मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत पशुपालक गिर, शाहीवाल, हरियाणा और थार पारकर जैसे नस्ल की गाय पाली जाने का प्रविधान है।
इसकी अनुमानित लागत 23.60 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसमें लाभार्थी को 15 प्रतिशत अंशदान देना होगा, जबकि अधिकतम 50 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना में ऋण लेने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है।
ऐसे में लाभार्थियों को ब्याज देने की मजबूरी से छुटकारा मिलेगा, लेकिन यह तभी संभव होगा, जब उनके बैंक खाते में लगातार छह महीने तक 11.80 लाख रुपये का बैंक बैलेंस रहेगा।
खास बात यह है कि अगर आवेदक डेयरी के लिए शेड बनाने के लिए स्वयं सक्षम होगा तो उसे बैंक का स्टेटमेंट यानी सहमति पत्र विभाग में जमा करना होगा। इस बार करीब 15 पशुपालकों को योजना से लाभान्वित करना है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. राम शब्द ने बताया कि यह योजना दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ ही ग्रामीण परिवारों की आय में बृद्धि करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
यह है मानक
योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी के पास करीब 0.20 एकड़ जमीन तथा हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। साल भर चारा उपलब्ध कराने के संबंध में शपथ-पत्र भी देना होगा।
पूर्व में कामधेनु, मिनी कामधेनु, माइक्रो कामधेनु, नंदिनी कृषक समृद्धि योजना या फिर मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना का लाभ प्राप्त कर चुके पशुपालक इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।