प्रतापगढ़ सदर : पिछले पांच साल में कितने वादे हुए पूरे और कितने अधूरे, विधायक के रिपोर्ट कार्ड से जानें
प्रतापगढ़ सदर विधानसभा क्षेत्र में सड़कों का विकास हुआ और पर्यटन को बढ़ावा मिला है, लेकिन रोजगार के अवसर अभी भी अधूरे हैं। विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य ...और पढ़ें

प्रतापगढ़ में सई नदी के किनारे रंजीतपुर चिलबिला में अधूरा पड़ा वंदन पार्क। जागरण।
HighLights
सदर विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य का रिपोर्ट कार्ड, हजारों युवाओं को रोजगार की है उम्मीद
चिलबिला जैव विविधता पार्क से पर्यटन के फलक पर चमका बेल्हा, कारिडोर से मिलेगी नई दिशा
कई परियोजनाएं जैसे केंद्रीय विद्यालय, अस्पताल अटकीं।
जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ सदर विधानसभा की तस्वीर विरोधाभासों से भरी है। गांव-गांव तक सड़कें पहुंचीं, वाहन सरपट दौड़ने लगे, चिलबिला जैव विविधता पार्क और प्रस्तावित मां बेल्हा देवी कारिडोर ने पर्यटन की नई उम्मीद जगाई। हालांकि रोजगार के मोर्चे पर तस्वीर अब भी अधूरी है। जिस आटो ट्रैक्टर लिमिटेड (एटीएल) औद्योगिक क्षेत्र से हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद थी, वहां आज भी सन्नाटा है।
ये योजनाएं भी फाइलों में रुकीं
केंद्रीय विद्यालय, आयुर्वेदिक अस्पताल और स्टेडियम विस्तार जैसी योजनाएं भी फाइलों से आगे नहीं बढ़ सकीं। चार वर्षों से अधिक समय के कार्यकाल के बाद अब जनता उपलब्धियों के साथ अधूरे वादों का भी हिसाब मांग रही है। विधानसभा चुनाव की आहट के बीच प्रश्न यही है कि क्या सड़क, हाईमास्ट और पर्यटन विकास रोजगार की कमी की भरपाई कर पाएंगे, या फिर युवाओं की बेरोजगारी और अधूरी परियोजनाएं इस बार चुनावी फैसले की दिशा तय करेंगी।
प्रतापगढ़ सदर विधानसभा
कुल मतदाता : 3,69,178
पुरुष मतदाता : 2,10,353
महिला मतदाता : 1,58,825
रोजगार की कमी से युवाओं में मायूसी
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र कुमार मौर्य ने अपना दल (कमेरावादी) की कृष्णा पटेल को 25,063 मतों के बड़े अंतर से हराकर प्रतापगढ़ (सदर) सीट पर कमल खिलाया था। तब लोगों को उम्मीद लगी थी कि प्रदेश में दूसरी बार योगी सरकार बनने यहां पर विकास के नए कीर्तिमान बनेंगे। उद्योग शून्य जिले में कलपुर्जों की खटपट से युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्हें पलायन के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। आंवले के औषधीय गुण उनके जीवन में मिठास लाएंगे, मगर ऐसा नहीं हो सका।
जो मिलनी चाहिए थी, वह पहचान आंवले को नहीं मिली
एक जनपद-एक उत्पाद में आंवला शामिल होने पर आंवला किसानों की स्थिति पहले से सुधरी है। उनके उत्पाद का अच्छा दाम भी मिल रहा है, लेकिन आंवले को वह पहचान नहीं मिल पाई है, जो मिलनी चाहिए थी। कोर्ट में मामला निपटने के बाद एटीएल में प्लाट तो काट दिए गए। चौड़ी सड़कें बन गईं और स्ट्रीट लाइट लगने के साथ नालों का निर्माण हो गया, मगर डेढ़ साल में एक भी उद्योग लगने की कवायद पूरी नहीं हो सकी है।
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केंद्रीय व बालिका विद्यालय को नहीं मिली जमीन
केंद्रीय विद्यालय और बालिका विद्यालय के लिए जमीन नहीं मिल पा रही है। 50 बेड का आयुर्वेदिक अस्पताल की जमीन का भी मामला निपट नहीं पा रहा है। स्टेडियम विस्तार के लिए कृषि विभाग से जमीन नहीं मिल पा रही है।
60 से ज्यादा सड़कों की सूरत बदली
प्रतापगढ़ विधानसभा की मुख्य सड़कों को छोड़कर ग्रामीण सड़कों की हालत दयनीय थी। जिला पंचायत, आरईएस से बनने वाली दर्जनों सड़कों की कभी मरम्मत नहीं हुई थी। लोगों को आए दिन दर्द मिल रहा था। कार्यकाल में 60 से ज्यादा सड़कों की सूरत बदल गई है। दो सौ से अधिक मार्गों पर इंटरलाकिंग और सीसी रोड का काम हो चुका है। इससे गांव-गांव का रास्ता सुगम हो गया है। पर्यटन को बढ़ावा मिला, लेकिन पर अब नए रोजगार के द्वार भी खुलने वाले हैं। दहिलामऊ-बराछा पुल बनने जा रहा है। जाफरपुर में परैया नाला पर भी पुल बनने वाला है।

क्या कहते हैं सदर विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य?
विधानसभा में मेरी उपस्थिति शत-प्रतिशत रही। 100 से अधिक जनहित के मुद्दे उठाए। सार्वजनिक स्थलों पर 535 हाईमास्ट लाइटें लगवाईं। 206 इंटरलाकिंग और सीसी सड़क बनाने का काम किया। इसके अलावा विद्युतीकरण, ट्रांसफार्मर स्थापना, स्वागत द्वार, यात्री शेड और विद्यालयों में कक्ष निर्माण जैसे कार्य विभिन्न विकास कार्य कराए। जैव विविधता पार्क, मां बेल्हा देवी धाम कारिडोर की कार्ययोजना, गड़वारा व सुंदरपुर में रामलीला मंच एवं बाउंड्रीवाल, पांडेयपुर में ग्रामीण स्टेडियम तथा राजकीय इंटर कालेज में इंडोर स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है। अंतू में बस स्टैंड और फायर स्टेशन बन रहा है। मेडिकल कालेज में क्रिटिकल केयर यूनिट, नर्सिंग हास्टल और इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब की स्थापना हो रही है। 852 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता दिलाई गई तथा क्षेत्र में औद्योगिक और रोजगारपरक विकास को भी बढ़ावा दिया गया। विकास पर पूरा ध्यान व सतत प्रयास है।
- राजेंद्र कुमार मौर्य, भाजपा विधायक सदर

उप विजेता अद कमेरावादी की अध्यक्ष कृष्णा पटेल बोलीं
सरकार में होने के बावजूद प्रतापगढ़ विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए कोई बड़ा विकास कार्य नहीं करा सके। प्रतापगढ़ में आज भी कोई नया उद्योग स्थापित नहीं हो सका है। युवाओं को रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। जगेशरगंज रेलवे क्रासिंग पर लंबे समय से अंडरपास की मांग पूरी नहीं हो सकी। शहर के जेल रोड रेलवे क्रासिंग पर भी अंडरब्रिज का निर्माण नहीं हो सका। मेडिकल कालेज में पर्याप्त डाक्टर नहीं हैं। एक्स-रे फिल्म न होने से मरीजों को मोबाइल पर रिपोर्ट दी जाती है। जनता विकास के बड़े दावों के बजाय जमीनी कार्यों का हिसाब मांग रही है।
- कृष्णा पटेल, उपविजेता, अध्यक्ष अपनादल कमेरावादी
आम जन की राय

चमरौधा नदी पर दो मुंहा घाट पर पुल बनने के बाद दोनों ओर अप्रोच मार्ग नहीं बन सका है, जिससे करोड़ों की लागत से बना पुल निरर्थक साबित हो रहा है। यह पुल सदर और पट्टी विधानसभा को सीधे जोड़ता है। पुल चालू होना चाहिए।
- बसंत मिश्र, खेतई का पुरवा, अंतू

प्रतापगढ़ विधानसभा में रोजगार का साधन नहीं है। यह विधानसभा जिला मुख्यालय को भी जोड़ती है, लेकिन उद्योग नहीं लग सका। प्रतापगढ़ की पहचान अमृत फल आंवला का भी कोई बड़ा उद्योग नहीं लग सका। इससे युवाओं के हाथ में काम नहीं है।
- सुरेंद्र मिश्र, उमरी, अंतू

मंगरौरा के ग्राम पंचायतों के साथ ही नगर पंचायत कोहंडौर में भी विधायक ने विकास को गति प्रदान की है। उनके कार्यकाल में हाई मास्ट, सोलर लाइट, इंटरलाकि॑ग तथा सड़कें बहुत बनीं हैं। सदर में विकास दिखाई दे रहा है। विकास जारी भी है।
- पवन कुमार, पूर्व प्रधान कोहंड़ौर

प्रतापगढ़ विधायक जब से चुनाव जीते हैं, वह अपनी विधानसभा के विकास के लिए हर समय तत्पर रहते हैं। उन्होंने मेरी ग्राम पंचायत मदाफरपुर में दो इंटरलाकि॑ग तथा चार हाई मास्ट दिए हैं। अन्य जगह भी जनता के विकास को लेकर कार्य किए हैं।
-विपिन कुमार जायसवाल सोनू,मंगरौरा।