प्रतापगढ़ में प्रयागराज-लखनऊ हाईवे धंसा, एक साल पहले ही बनाई गई थी फोरलेन सड़क
प्रतापगढ़ में प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर बरई गांव के पास सड़क धंस गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों का ...और पढ़ें

प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर बरई गांव के पास बना गड्ढा व पत्थरों व पत्तों से घेरा गया है। जागरण
HighLights
ग्रामीणों का आरोप फोरलेन बनते समय नीचे गहरा गड्ढे को डामर डालकर बंद कर दिया गया था
नवाबगंज क्षेत्र के बरई का पुरवा के निकट सोमवार सुबह धुस गई, NH के प्रोजेक्ट मैनेजर पहुंचे
संसू, जागरण, परियावां (प्रतापगढ़)। प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर नवाबगंज क्षेत्र में बरई का पुरवा के पास सोमवार की भोर में सड़क अचानक धंस गई। सड़क के नीचे गहरा गड्ढा होने के कारण यह हिस्सा धंसने से हाईवे पर आवागमन करने वालों में खलबली मच गई। गनीमत रही कि जिस समय सड़क धंसी, कोई बाइक सवार या चार पहिया वाहन वहां से नहीं गुजर रहा था। इससे बड़ा हादसा टल गया।
बताया जाता है कि करीब एक वर्ष पूर्व लखनऊ से प्रयागराज तक एनएच-30 राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन में तब्दील करने का कार्य कराया गया था। निर्माण के दौरान महाकुंभ को देखते हुए सड़क निर्माण में तेजी दिखाई गई थी। आसपास के ग्रामीणों का आरोप है कि नवाबगंज क्षेत्र में बरई का पुरवा के पास जमीन के नीचे मौजूद गहरे गड्ढे को पूरी तरह से भरने और सुरक्षित तरीके से बंद करने के बजाय उसके ऊपर टेंपरेरी डामर डालकर सड़क बना दी गई थी।
इन दिनों लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क के नीचे बने गहरे गड्ढे में पानी पहुंच गया। इससे जमीन के भीतर की मिट्टी खिसकने लगी और सोमवार की भोर अचानक सड़क का एक हिस्सा भरभराकर नीचे बैठ गया। सड़क धंसने के बाद वहां गहरा गड्ढा दिखाई देने लगा।
स्थानीय लोगों में भी विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी व्यक्त की। कहा कि सड़क के नीचे गहरा गड्ढा होने के बावजूद इसे स्थायी रूप से बंद नहीं किया जाना सवाल खड़े करता है। यदि सड़क धंसने के समय कोई तेज रफ्तार वाहन वहां से गुजर रहा होता तो वाहन सीधे गहरे गड्ढे में जा सकता था। इससे बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता था। जानकारी मिलने के करीब छह घंटे बाद एनएच के प्रोजेक्ट मैनेजर मौके पर पहुंचे। उन्होंने निरीक्षण कर जल्द मरम्मत कराने की बात कही।
