यूपी संस्कृत बोर्ड 2026 के प्रदेश टॉपर के खिलाफ प्रतापगढ़ में मुकदमा दर्ज, अभिलेखों में हेराफेरी करने का आरोप
उत्तर प्रदेश संस्कृत बोर्ड 2026 के टॉपर रजनीश यादव पर प्रतापगढ़ में अभिलेखों में हेराफेरी का मुकदमा दर्ज हुआ है। उन पर नाम और जन्मतिथि बदलकर परीक्षा द ...और पढ़ें

यूपी संस्कृत बोर्ड 2026 के प्रदेश टॉपर छात्र रजनीश यादव के खिलाफ प्रतापगढ़ में केस दर्ज हुआ है।
HighLights
नाम और जन्मतिथि में हेरफेर करके प्रवेश लेने व परीक्षा देने का आरोप
पुलिस ने शुरू की जांच, डीआइओएस कार्यालय से भी होगी छानबीन
संसू, जागरण, पट्टी (प्रतापगढ़)। उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद की 2026 की उत्तर मध्यमा (12वीं) परीक्षा में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर चर्चा में आए प्रतापगढ़ के छात्र रजनीश यादव अब गंभीर कानूनी विवाद में घिर गए हैं। परिवार के ही एक व्यक्ति की शिकायत पर आसपुर देवसरा थाने में उनके विरुद्ध धोखाधड़ी, कूटरचना और जालसाजी के आरोपों में प्राथमिकी दर्ज हो गई है। पुलिस व शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
इसी साल 24 अप्रैल को घोषित परीक्षा परिणामों में प्रतापगढ़ के श्री रामटहल संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, यदुनाथपुर सैफाबाद के छात्र रजनीश यादव ने 89.36 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया था। किसान परिवार के इस छात्र की सफलता को संघर्ष और प्रतिभा की मिसाल बताया गया था। विद्यालय इसलिए भी सुर्खियों में आया था, क्योंकि इसी संस्थान के दो विद्यार्थियों ने प्रदेश की शीर्ष मेरिट सूची में स्थान बनाया था। अब उसी उपलब्धि पर सवाल खड़े हो गए हैं।
रजनीश के ही परिवार के जगत प्रसाद ने इसकी शिकायत तीन दिन पहले थाने में की और इसे कूटरचना बताते हुए केस दर्ज करके कार्रवाई की मांग की। उनकी तहरीर पर सोमवार देर रात रजनीश पर धोखाधड़ी का का केस दर्ज किया गया।
बताया कि संबंधित छात्र के पूर्व शैक्षणिक अभिलेखों, राशन कार्ड और मतदाता सूची में उसका नाम अजय कुमार नाम तथा 13 मई 1998 जन्मतिथि दर्ज थी। बाद में आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों में बदलाव करके रजनीश यादव नाम और 01 जुलाई 2010 जन्मतिथि दर्ज कराई गई। इसी आधार पर संस्कृत विद्यालय में प्रवेश लेकर वर्ष 2026 की संस्कृत बोर्ड की परीक्षा दी गई।
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सीओ पट्टी प्रदीप कुमार सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उसके आधार कार्ड, शैक्षणिक अभिलेख, जन्मतिथि संबंधी प्रमाणपत्र, प्रवेश रिकार्ड तथा अन्य सरकारी दस्तावेजों का मिलान कराया जाएगा। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। इधर जिला विद्यालय निरीक्षक ओमकार राणा का कहना है कि आरोपित छात्र केे अभिलेखों, जन्मतिथि संबंधी प्रमाणपत्र को देखा जाएगा। जांच टीम बनाई जाएगी।