UP के 16 जिलों को जल्द मिलेंगे 22 एसआरजी, प्रयागराज के लिए तीन का होगा चयन; शिक्षकों से मांगे गए आवेदन
उत्तर प्रदेश के 16 जिलों में 22 स्टेट रिसोर्स पर्सन (एसआरजी) की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, जिसमें प्रयागराज को ...और पढ़ें

प्रयागराज समेत उप्र के 16 जिलों में स्टेट रिसोर्स पर्सन की नियुक्ति को शिक्षकों से आवेदन मांगे गए हैं।
HighLights
स्टेट रिसोर्स पर्सन नियुक्ति की प्रक्रिया शीघ्र ही शुरू होगी
एसआरजी पर शैक्षिक गुणवत्ता सुधार आदि की होगी जिम्मेदारी
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। प्रयागराज व कौशांबी समेत आंबेडकर नगर, अमरोहा, बांदा, बस्ती, बुलंदशहर, एटा, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, हरदोई, झांसी, कुशीनगर, मेरठ, लखीमपुर खीरी और सिद्धार्थनगर में एसआरजी अर्थात स्टेट रिसोर्स पर्सन नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो रही है। एसआरजी पर आनसाइट शैक्षिक सपोर्ट, हैंडहोल्डिंग, शैक्षिक गुणवत्ता सुधार तथा फाउंडेशनल प्रैक्टिसेज को कक्षा शिक्षण में लागू करने का दायित्व होगा।
एसआरजी नियुक्ति को शिक्षकों से मांगे गए आवेदन
प्रदेश के 16 जिलों में कुल 22 एसआरजी नियुक्त होने हैं। प्रयागराज को तीन एसआरजी मिलेंगे। यहां नियुक्ति सभी एसआरजी को पूर्व में कार्यमुक्त किया जा चुका है। निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए एसआरजी की तैनाती हो रही है। शिक्षकों से इसके लिए आवेदन मांगने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक ही कर सकेंगे आवेदन
डॉयट प्राचार्य की अध्यक्षता में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) एवं जिला समन्वयक (निपुण भारत मिशन) अभ्यर्थियों का चयन करेंगे। वही अभ्यर्थी इस पद के लिए दावेदारी कर सकेंगे जो परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक होंगे, उनके पास कम से कम पांच वर्ष तक शिक्षण का अनुभव होना चाहिए।
शिक्षक उल्लेखनीय उपलब्धि बताएंगे
इनके विद्यालय में पिछले तीन वर्ष में छात्र नामांकन, छात्र उपस्थिति तथा ड्राप आउट की स्थिति व यू डायस पर विद्यालय का शुद्ध डाटा उपलब्ध होना चाहिए। शिक्षक स्वयं के विद्यालय में किये गए उल्लेखनीय कार्य तथा उपलब्धियां भी बताएंगे। अभ्यर्थी की नेतृत्व क्षमता, सम्प्रेषण कौशल तथा टीम के साथ समन्वय संबंधी गुणों के आधार पर मूल्यांकन किया जाना है।
अनुशासनात्मक कार्रवाई वाले नहीं कर सकेंगे आवेदन
बीएसए अनिल कुमार के अनुसार राज्य एवं जनपद स्तरीय शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी अर्थात पाठ्यक्रम एवं पाठ्य पुस्तकों का विकास, प्रशिक्षण, माड्यूल लेखन में भागीदारी या प्रशिक्षण आयोजन में भूमिका निभाने वालों को एसआरजी के लिए महत्व दिया जाएगा। जिन लोगों के खिलाफ किसी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही है, वे आवेदन नहीं कर सकेंगे।
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