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वंदे भारत ट्रेन देखने की चाहत में कौशांबी से भागकर प्रयागराज पहुंचे तीन बच्चे, जंक्शन पर आरपीएफ ने चाइल्ड लाइन को सौंपा

By Amarish Kumar Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sun, 06 Sep 2026 03:44 PM (IST)

कौशांबी से तीन नाबालिग बच्चे घरवालों से नाराज होकर प्रयागराज जंक्शन पहुंचे, उनका उद्देश्य वंदे भारत ट्रेन देखना था। आरपीएफ ...और पढ़ें

प्रयागराज जंक्शन पर कौशांबी में मंझनपुर निवासी  बच्चों के साथ आरपीएफ और चाइल्ड लाइन की टीम। सौ. आरपीएफ

प्रयागराज जंक्शन पर कौशांबी में मंझनपुर निवासी बच्चों के साथ आरपीएफ और चाइल्ड लाइन की टीम। सौ. आरपीएफ

HighLights

  1. प्लेटफार्म नंबर एक पर टहलते मिले तो आरपीएफ ने चाइल्ड लाइन को सौंपा

  2. मंझनपुर निवासी तीनों बच्चों ने बताया- घरवालों से नाराज होकर यहां चले आए

  3. बच्चों की चाइल्ड लाइन कर रही काउंसलिंग, परिवार के सदस्यों को सूचना दी

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। घरवालों से किसी बात को लेकर नाराज होकर कौशांबी से प्रयागराज पहुंचे तीन नाबालिग बच्चों को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने प्रयागराज जंक्शन से सकुशल बरामद किया है। बच्चे आधुनिक वंदे भारत एक्सप्रेस देखने के आकर्षण में घर से भागकर यहां आ पहुंचे थे। आरपीएफ ने ‘आपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत तीनों को अपने संरक्षण में लेकर सुरक्षित चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया है।

बच्चे बस से आए थे प्रयागराज 

तीनों बच्चे पड़ोसी जिले कौशांबी के मंझनपुर इलाके के रहने वाले हैं। रविवार सुबह परिवार के लोगों से किसी बात को लेकर नाराज होकर वे सभी बिना किसी को बताए चुपचाप घर से निकल गए। मंझनपुर से बस पर सवार होकर बच्चे प्रयागराज पहुंचे। इसके बाद प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंचे। उनका मुख्य उद्देश्य जंक्शन पर आने वाली वंदे भारत ट्रेन को करीब से देखना था।

आरपीएफ उप निरीक्षक ने कस्टडी में लिया 

प्लेटफार्म नंबर एक पर गश्त कर रहे आरपीएफ के उप निरीक्षक गौरव और हेड कांस्टेबल श्रीराम की नजर असमंजस की स्थिति में घूम रहे इन बच्चों पर पड़ी। उनसे सहानुभूतिपूर्वक पूछताछ की तो बच्चों ने पूरी बात बताई। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए जवान उन्हें तत्काल आरपीएफ पोस्ट ले आए और मामले की सूचना चाइल्ड लाइन को दी।

परिवार वालों से संपर्क साधा जा रहा 

प्रभारी निरीक्षक आरपीएफ अमित मीणा ने बताया कि जरूरी औपचारिकताएं, दस्तावेजीकरण और फोटोग्राफी पूरी कराने के बाद उप निरीक्षक गौरव द्वारा तीनों बच्चों को सुरक्षित रूप से चाइल्ड लाइन को सुपुर्द कर दिया गया है। अब संस्था के जरिए बच्चों की काउंसलिंग कराकर उनके परिवार के लोगों से संपर्क साधा जा रहा है, ताकि उन्हें सकुशल घर भेजा जा सके।

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