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फिरोजाबाद में घंटाघर निर्माण पर रोक, इलाहाबाद HC ने कहा, जब हर हाथ में मोबाइल तो जरूरत क्यों?

By Suresh pandey Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Thu, 17 Sep 2026 12:20 PM (IST)Updated: Thu, 17 Sep 2026 08:19 PM (IST)

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फिरोजाबाद के सदर बाजार में प्रस्तावित घंटाघर के निर्माण पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी ...और पढ़ें

इलाहाबाद हाई कोर्ट।

इलाहाबाद हाई कोर्ट।

HighLights

  1. दान की जमीन पर नगर निगम चाहती है क्लाक टॉवर बनाना, कारोबारी ने दी है चुनौती

  2. प्रतिवादियों को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश, अगली सुनवाई 30 सितंबर को 

विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। दान में मिली जमीन पर 55 साल बाद घंटाघर (क्लाक टावर) बनाने की तैयारी कर रही नगर निगम फिरोजाबाद को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फटकार लगाते हुए निर्माण पर रोक लगा दी है। अगले आदेश तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश देते हुए कोर्ट ने कहा, आज हर व्यक्ति के हाथ में न सिर्फ कलाई घड़ी है, बल्कि मोबाइल पर पूरी दुनिया का समय है, ऐसे में क्लाक टावर बनाने का फैसला नीतिगत नहीं, बल्कि घोर मनमानी है।

यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने गौरव गोयल की याचिका पर दिया है। याची का कहना था कि पुरानी मंडी सदर बाजार में प्रस्तावित घंटाघर से उसका व्यापार चौपट हो जाएगा, क्योंकि बाजार में पहले से ही पार्किंग की जगह नहीं है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि 1970 में रामस्वरूप गोविंद राम गोयल ने क्लाक टावर के लिए नगर पालिका को जमीन दान दी थी।

नगर पालिका की उत्तराधिकारी संस्था नगर निगम 55 साल की नींद के बाद जागी है और इसने रिप वैन विंकल (अमेरिकी कहानी के पात्र) को भी पीछे छोड़ दिया है। कोर्ट ने कहा, क्लाक टावर अपने समय में उपयोगी थे, लेकिन आज इस पुरानी तकनीक पर काम करना समझदारी नहीं है। यदि पर्याप्त जगह होती और टावर केवल सजावटी स्मारक के रूप में बनता तो बात अलग थी, लेकिन व्यस्त बाजार में यह उचित नहीं है।

हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा कि दान की जमीन का सार्वजनिक उपयोग होना चाहिए, लेकिन ट्रस्ट कानून के 'साइ-प्रे' सिद्धांत के अनुसार जमीन का उपयोग किसी समकालीन सार्वजनिक उद्देश्य के लिए किया जा सकता है, जो दान के उद्देश्य के करीब हो। कोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। प्रकरण में अगली सुनवाई 30 सितंबर 2026 को होगी।