प्रयागराज के शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क में मधुमक्खियों का हमला, 42 छात्राएं घायल; कई की हालत नाजुक
प्रयागराज के अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क में शुक्रवार दोपहर पत्तियों में आग लगने से भड़की मधुमक्खियों के हमले से भ्रमण पर आईं आवासीय विद्यालय बहादुर ...और पढ़ें
HighLights
पार्क में गेट नंबर दो के पास हुई घटना से सड़क तक मची अफरातफरी
पार्क में भ्रमण के लिए आई थीं आवासीय विद्यालय बहादुरपुर की छात्राएं
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। अमर शहीद चंद्र शेखर आजाद पार्क में शुक्रवार दोपहर मधुमक्खियों के झुंड ने छात्राओं समेत वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। पार्क में भ्रमण के लिए आई आवासीय विद्यालय बहादुरपुर की छात्राएं इनकी चपेट में आ गई। बचने के लिए वे इधर-उधर भागीं लेकिन खुद को बचा नहीं सकीं। 42 बालिकाएं इनके हमले से जख्मी हो गईं, जिनमें से कई की हालत नाजुक बताई जा रही है। सभी को एसआरएन अस्पताल ले जाया गया है।
आजाद पार्क के गेट नंबर तीन के पास घटना
घटना पार्क के गेट नंबर तीन के पास की है। फूलपुर तहसील बहादुरपुर स्थित आवासीय बालिका विद्यालय से छात्राओं का एक दल शैक्षिक भ्रमण के लिए यहां आया था। दोपहर में छात्राओं का यह दल गेट नंबर तीन के पास स्थित अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के पास मौजूद था। छात्राओं के अलावा घूमने के लिए आए अन्य तमाम लोग भी यहां पर थे।
पत्तियों में आग लगाने से भड़की मधुमक्खियां
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यहीं पर पार्क में मधुमक्खियों ने छत्ता लगा रखा था। पार्क की जमीन पर गिरी पत्तियों को एकत्र करके किसी ने उसमें आग लगा दी। पत्तियों के ढेर से धुंआ उठा तो मधुमक्खियां भड़क उठीं। मधुमक्खियों ने वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। इससे वहां भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। छात्राएं भी इधर-उधर दौड़नें लगी। कोई गेट की तरफ भागा तो कोई पार्क के अंदर ही छिपने लगा।
छात्राओं के अलावा अन्य लोग भी घायल
इस बीच करीब 42 छात्राएं मधुमक्खियों के हमले का शिकार हो गईं। अन्य कई लोग भी घायल हुए। आनन-फानन छात्राओं को एसआरएन अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से कई की हालत नाजुक थी, इसलिए उन्हें भर्ती कर लिया गया, जबकि कुछ को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
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भगदड़ और चीख पुकार सुन सकते में आ गए राहगीर
मधुमक्खियों के हमले के बाद छात्राएं गेट नंबर तीन से निकल कर सड़क की तरफ भागीं। सड़क पर वाहनों का आवागमन था। कई बालिकाएं वाहनों से टकराते-टकराते बचीं। शोरगुल और भगदड़ देख हिंदू हास्टल चौराहे के पास से गुजर रहे राहगीरों के पैर भी ठिठक गए। जब लोगों को पता चला कि मधुमक्खियों ने हमला किया तो वह भी भागने लगे।