ITI में आउटसोर्सिंग के जरिये फोरमैन अनुदेशक भर्ती पर रोक, हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रदेश के राजकीय आईटीआई में फोरमैन अनुदेशक पदों पर आउटसोर्सिंग भर्ती पर रोक लगा दी है। ...और पढ़ें

HighLights
आईटीआई में फोरमैन अनुदेशक पदों पर आउटसोर्सिंग भर्ती रोकी गई।
हाई कोर्ट ने कहा शासनादेश सेवा नियमावली का उल्लंघन नहीं कर सकता।
सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का आदेश।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रदेश के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में आउटसोर्सिंग के माध्यम से फोरमैन अनुदेशक पदों की भर्ती पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थनंदन की एकलपीठ ने यह रोक लगाते हुए स्पष्ट किया है कि कोई भी शासनादेश वैधानिक सेवा नियमावली का उल्लंघन नहीं कर सकता। हालांकि कोर्ट ने विभाग को नियमित प्रक्रिया के तहत भर्ती जारी रखने की अनुमति दी है।
याची अखिलेश कुमार सिंह के अधिवक्ता सुनील कुमार और वीरेंद्र कुमार गौतम ने कहा कि 24 जून को जारी शासनादेश के अनुसार फोरमैन अनुदेशक पदों को आउटसोर्सिंग के जरिए भरने की अनुमति दी गई है जो उत्तर प्रदेश राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (अनुदेशक और फोरमैन अनुदेशक) सेवा नियमावली 2021 का उल्लंघन है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकारी वकील से पूछा कि क्या सेवा नियमावली को दरकिनार कर कोई शासनादेश जारी किया जा सकता है, लेकिन सरकारी वकील कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दे सके। कोर्ट ने कानून की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि कोई भी शासनादेश लागू वैधानिक नियमों को समाप्त या अतिक्रमित नहीं कर सकता।
इसके साथ ही कोर्ट ने 24 जून के विवादित शासनादेश को अगले आदेश तक स्थगित रखने का निर्देश दिया है और चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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