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इलाहाबाद HC ने आपराधिक मामले की जांच 60 दिन में पूरी करने का दिया निर्देश, गिरफ्तारी पर रोक लगाई

By Suresh pandey Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sat, 20 Jun 2026 08:34 PM (IST)

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बिजनौर के एक आपराधिक मामले में मुहम्मद गाजी की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। ...और पढ़ें

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की फाइल फोटो।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की फाइल फोटो।

HighLights

  1. बिजनौर में दर्ज केस में याची मुहम्मद गाजी को कोर्ट से मिली राहत

  2. याचिका में दर्ज एफआइआर निरस्त किए जाने की मांग की गई थी

विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बिजनौर जिले के शेरकोट थाने में दर्ज आपराधिक मामले में याची मुहम्मद गाजी की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही अदालत ने विवेचना अधिकारी को मामले की जांच 60 दिनों के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है।  यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने दिया है।

याचिका में 27 अप्रैल 2026 को दर्ज एफआइआर निरस्त किए जाने की मांग की गई थी। प्राथमिकी थाना शेरकोट, जनपद बिजनौर में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई है। बताया गया कि मामले की विवेचना अभी पुलिस द्वारा की जा रही है।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद खंडपीठ ने पूर्व में दिए गए निर्णय शोभित नेहरा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के संदर्भ में मामले का निस्तारण कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि विवेचना अधिकारी 60 दिनों के भीतर जांच पूरी करेगा।

हाई कोर्ट ने आदेश में यह भी कहा कि विवेचना की अवधि के दौरान तथा पुलिस रिपोर्ट पर संबंधित अदालत द्वारा संज्ञान लिए जाने तक याची को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। अदालत ने याची पर यह शर्त भी लगाई है कि वह पूरा सहयोग करेगा। कहा है कि यदि वह पुलिस जांच में सहयोग नहीं करता है तो अदालत में आदेश वापस लेने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है।

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