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    पत्नी को जलाकर मारने वाले की इलाहाबाद हाई कोर्ट में जमानत मंजूर, सजा निलंबित का भी आदेश

    By Suresh pandey Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Fri, 10 Apr 2026 01:54 PM (IST)

    इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पत्नी को जलाकर मारने के दोषी की सजा निलंबित कर दी और जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत ने अपील पर अंतिम सुनवाई तक सजा स्थगि ...और पढ़ें

    इलाहाबाद हाई कोर्ट की फाइल फोटो।

    इलाहाबाद हाई कोर्ट की फाइल फोटो। 

    HighLights

    1. हाई कोर्ट ने जुर्माना जमा करने पर भी रोक लगाई

    2. अपील की अंतिम सुनवाई तक जमानत पर रहेगा।

    विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पत्नी की जलाकर हत्या करने के आरोप में दोषी ठहराए गए राकेश कुमार की सजा निलंबित करते हुए जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा तथा न्यायमूर्ति जयकृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ ने सजा के खिलाफ दायर अपील की सुनवाई करते हुए दिया।

    न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अपील पर अंतिम सुनवाई होने तक सजा को स्थगित रखा जाएगा और अभियुक्त को निजी मुचलके तथा दो प्रतिभूतियों पर रिहा किया जाएगा।

    प्रयागराज के मऊआइमा थाने में दर्ज है मामला

    प्रयागराज के मऊआइमा थाने में यह मामला दर्ज है। राकेश कुमार की शादी 10 मार्च, 2017 को हुई थी। आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने के कारण 24 जनवरी, 2018 को ससुराल वालों ने पीड़िता पर मिट्टी का तेल डालकर उसे आग लगा दी थी, जिसकी इलाज के दौरान 28 जनवरी को मृत्यु हो गई। 

    बचाव पक्ष ने कहा- मौत का मुख्य कारण सेप्टिसीमिया

    बचाव पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि मामले में दो मृत्युपूर्व कथन दर्ज किए गए थे, जिनमें विरोधाभास है। पहले कथन में केवल पति पर आरोप लगाया गया था, जबकि दूसरे कथन में परिवार के अन्य सदस्यों को भी शामिल किया गया। साथ ही यह भी दलील दी गई कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मिट्टी के तेल की गंध नहीं पाई गई थी और मौत का मुख्य कारण सेप्टिसीमिया था।

    अगली सुनवाई छह सितंबर को होगी

    न्यायालय ने तथ्यों पर विचार करते हुए पाया कि अभियुक्त का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है और वह विचारण के दौरान भी जमानत पर था, जिसका उसने कभी दुरुपयोग नहीं किया। अदालत ने यह भी संज्ञान में लिया कि निकट भविष्य में इस अपील पर अंतिम सुनवाई की संभावना कम है। ऐसे में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रतिपादित कानूनी सिद्धांतों को आधार बनाते हुए खंडपीठ ने राकेश कुमार को राहत प्रदान की। साथ ही आदेश दिया कि अपील लंबित रहने तक जुर्माने की वसूली पर भी रोक रहेगी। अगली सुनवाई छह सितंबर, 2026 को होगी।

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