यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'दुष्कर्म के लिए तुम खुद जिम्मेदार', HC ने रेप के आरोपी को जमानत दी, कहा- पीड़िता ने खुद परेशानी को दिया न्योता
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक छात्रा से दुष्कर्म के आरोपित को जमानत देते हुए कहा कि लड़की ने खुद ही परेशानी को न्योता दिया था। पीड़िता का कहना है कि वह आरो ...और पढ़ें

HighLights
- दुष्कर्म के आरोपित को जमानत, कोर्ट ने कहा-पीड़िता ने परेशानी को दिया न्योता- हाई कोर्ट
- गौतमबुद्धनगर के थाना 126 में बीएनएस की धारा 64 में दर्ज है मुकदमा
- तीन सहेलियों के साथ दिल्ली के एक बार गई थी पीड़िता, वहीं मिला था आरोपित
विधि संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक छात्रा से दुष्कर्म के आरोपित को इस टिप्पणी के साथ जमानत दे दी कि ‘लड़की ने खुद ही परेशानी को न्योता दिया था और वह ही इस कथित वारदात की जिम्मेदार है।’
इस मामले में पीड़िता का कहना है कि वह आरोपित निश्चल चंदक से दिल्ली के हौज खास स्थित एक बार में मिली थी और उसके साथ नशे की हालत में दुष्कर्म किया गया। आरोपित का कहना है कि शारीरिक संबंध सहमति से बने।
यह मामला गौतम बुद्ध नगर के थाना-126 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 के तहत दर्ज है। आरोपित को 11 दिसंबर, 2024 को गिरफ्तार किया गया था। नोएडा स्थित एक यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली पीड़िता तीन सहेलियों के साथ दिल्ली स्थित बार में गई थी। उसका कहना है कि वहां उसे कुछ परिचित मिले, जिनमें आरोपित भी था।
नशे की हालत में किया गया दुष्कर्म- पीड़िता
शराब पीने के बाद वह नशे की हालत में थी और आरोपित उसके करीब आता जा रहा था। आधी रात तीन बजे तक बार में लगातार उससे साथ चलने के लिए कह रहा था। पीड़िता के अनुसार आरोपित के बार-बार कहने के कारण वह ‘आराम’ करने के लिए उसके साथ चली गई।
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पीड़िता को अपने फ्लैट पर ले गया था आरोपी
जमानत अर्जी में कहा गया है कि पीड़िता को मदद की जरूरत थी और वह खुद ही उसके साथ जाने के लिए तैयार हो गई थी। यह भी आरोप है कि आरोपित रास्ते में पीड़िता को आपत्तिजनक तरीके से छू रहा था और नोएडा में अपने घर ले जाने के बजाय उसे गुड़गांव में अपने रिश्तेदार के फ्लैट पर ले गया और वहां वारदात अंजाम दी।
पीड़िता ने परेशानी को न्योता दिया- हाई कोर्ट
पीड़िता पीजी हॉस्टल में रहती थी। न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की कोर्ट ने कहा, ‘अगर पीड़िता के आरोपों को सही मान भी लिया जाए तो इस निष्कर्ष पर भी पहुंचा जा सकता है कि उसने खुद ही परेशानी को न्योता दिया था और वह इसके लिए जिम्मेदार भी है। मेडिकल जांच में डॉक्टर ने यौन हिंसा की बात नहीं की।