विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Atiq Ahmed Son: कभी मांगते मटन बिरयानी तो कभी मांगते चिकन कबाब, बाल गृह से छूटे अतीक अहमद के बेटे तो हुआ खुलासा

By Jagran NewsEdited By: Shivam Yadav
Updated: Wed, 11 Oct 2023 03:49 PM (IST)

अतीक अहमद की हत्या के बाद अब उसके दो बेटे बाल गृह से बाहर आ चुके हैं। बाल गृह से मुक्त होकर हटवा गांव में बुआ परवीन अहमद कुरैशी के घर पहुंचे अतीक अहमद ...और पढ़ें

Atiq Ahmed Son: कभी मांगते मटन बिरयानी तो कभी मांगते चिकन कबाब
Atiq Ahmed Son: कभी मांगते मटन बिरयानी तो कभी मांगते चिकन कबाब

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। माफिया अतीक अहमद की हत्या के बाद अब उसके दो बेटे बाल गृह से बाहर आ चुके हैं। बाल गृह से मुक्त होकर हटवा गांव में बुआ परवीन अहमद कुरैशी के घर पहुंचे अतीक अहमद के दो बेटों से मिल रहे लोगों पर एसटीएफ की नजर है। माना जा रहा है कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद से फरार माफिया की पत्नी शाइस्ता परवीन अपने बेटों से मिलने पहुंच सकती है। ऐसे में बुर्कानशी महिलाओं पर खासतौर पर नजर रखी जा रही है, इसके लिए घर पर दो सशस्त्र सिपाहियों की तैनाती है।

बाल गृह में मांगते थे नॉन वेज खाना

अतीक अहमद के दोनों बेटे बाल गृह में बार-बार नॉन वेज खाना मांगते रहे, लेकिन वहां शाकाहारी भोजन ही दिया जाता है। वे दोनों खाने में कभी मटन बिरयानी तो कभी कढ़ाई चिकन या कबाब मांगते। उनकी इस डिमांड को लगातार ठुकराया जाता रहा क्योंकि वहां सभी बालकों के लिए वेज खाना ही तैयार होता है। कई बार फोन की भी मांग की तो उन्हें बताया गया कि इसकी अनुमति नहीं है।

गौरतलब है कि 24 फरवरी को हुए उमेश पाल हत्याकांड के बाद दो मार्च से अतीक के चौथे और पांचवें नंबर के बेटे बाल गृह में थे। धूमनगंज पुलिस को चकिया में लावारिस मिले दोनों नाबालिग लड़कों को बाल कल्याण समिति ने राजरूपपुर के बाल गृह में भेजा था। 

शाहीन अहमद की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश

अतीक की बहन शाहीन अहमद की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बाल कल्याण समिति को दोनों बेटों की सुपुर्दगी पर निर्णय लेने का आदेश दिया था। 10 अक्टूबर मंगलवार को दोबारा सुनवाई से पहले सोमवार शाम समिति के आदेश पर माफिया के दोनों बेटों को बुआ परवीन अहमद के सुपुर्द कर दिया गया। 

यह भी पढ़ें: अतीक अशरफ हत्याकांड : कोर्ट में आरोपितों की ओर से नही पेश हुआ कोई अधिवक्ता, अब 2:30 बजे होगी सुनवाई

देर शाम पुलिस सुरक्षा के बीच 18 वर्ष के हो चुके एहजम और उसके छोटे भाई को पूरामुफ्ती में हटवा गांव स्थित बुआ के घर ले जाया गया। चर्चा रही कि ये दोनों कसारी-मसारी में अपने अब्बा और चाचा की कब्र पर भी गए थे, लेकिन एसीपी धूमनगंज वरुण कुमार ने इसे गलत बताया। 

सोमवार रात साढ़े नौ बजे तक वह खुद हटवा में उस घर पर मौजूद थे। अतीक के इन दो बेटों से मिलने के लिए मंगलवार को करीबी रिश्तेदार पहुंचे थे। अतीक के बेटों से मिलने आ रहे लोगों पर एसटीएफ व एसओजी की नजर बनी है।

-एसीपी और थानाध्यक्ष पूरामुफ्ती अजीत सिंह।

दिन में भी सोते रहे दोनों भाई

उमेश पाल हत्याकांड के बाद सात महीने तक बाल गृह में रहे माफिया के दोनों बेटे हटवा में बुआ परवीन के घर पहुंचे तो रिश्तेदारों से मिलने के अलावा बाकी समय सोते रहे। पूरामुफ्ती थाना अध्यक्ष अजीत सिंह के मुताबिक, सोमवार शाम बाल गृह से दोनों को सीधे हटवा ले जाया गया था। तब से बुआ के घर के अलावा वे दोनों कहीं नहीं गए।

यह भी पढ़ें: UP News: ‘मां’ से मुलाकात के बिना ही अमेरिका लौट गई राखी, आंखों को नम कर देगी 20 साल पुरानी कहानी, दोबारा आएगी