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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    फूलपुर उपचुनाव: खोई सीट वापस पाने को पसीना बहा रही BSP, प्रत्याशी जितेंद्र कुमार सिंह के लिए झोंकी पूरी ताकत

    Updated: Mon, 18 Nov 2024 05:08 PM (IST)

    फूलपुर विधानसभा उपचुनाव में बसपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। खोई सीट वापस पाने के लिए बसपा के कार्यकर्ता पसीना बहा रहे हैं। प्रत्याशी जितेंद्र कुमार ...और पढ़ें

    फूलपुर उपचुनाव के लिए बसपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। (तस्वीर जागरण)
    फूलपुर उपचुनाव के लिए बसपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। (तस्वीर जागरण)

    HighLights

    1. फूलपुर उपचुनाव में बसपा ने झोंकी पूरी ताकत
    2. ब्राह्मण, ठाकुर और अनुसूचित जाति के वोटों को साधने की कोशिश

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। फूलपुर विधानसभा उपचुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। प्रत्याशी जितेंद्र कुमार सिंह और पार्टी के रणनीतिकारों के पास अब केवल दो दिन का समय बचा है और इस समय में पार्टी अपनी पूरी ताकत चुनावी मैदान में उतारने के लिए प्रयासरत है। रविवार को चुनाव कार्यालय को वॉर रूम में तब्दील कर दिया गया, जहां हर कदम पर रणनीति तैयार की जा रही थी।

    बसपा नेताओं का जोर इस उपचुनाव में ब्राह्मण, अनुसूचित जाति और ठाकुर वर्ग के मतों की एकजुटता पर है। पार्टी इस कोशिश में लगी है कि पिछले चुनावों में जो इन वर्गों का समर्थन अन्य दलों की ओर गया था, उसे फिर से अपने पक्ष में किया जा सके। जीतेंद्र कुमार सिंह उस पार्टी से प्रत्याशी हैं, जिसकी सुशासन की छवि को पार्टी के नेता मंचों पर लगातार भुनाते रहे हैं। इसके साथ ही बसपा नेता सपा और भाजपा पर हमला करते हुए इन्हें धोखेबाज पार्टी कहकर अपना जनाधार मजबूत करने में जुटे हैं।

    पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कोशिशें की तेज

    बसपा की रणनीति इस बार खासकर अनुसूचित जाति बाहुल्य बस्तियों में ज्यादा जोर दे रही है। पार्टी के कार्यकर्ता और नेता दिन-रात घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें अपनी बात समझा रहे हैं। विशेषकर ठाकुर और अनुसूचित जाति के मतदाताओं को भाजपा और सपा के प्रति अपनी नाराजगी दूर करने के लिए बसपा के पक्ष में करने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। पुराने बसपाई जो पहले पार्टी से जुड़े थे, वे अब उन मतदाताओं को जोड़ने में जुटे हैं, जिनका रुझान अन्य दलों की ओर बढ़ने की संभावना है।

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    जीत के लिए हर एक कार्यकर्ता कर रहा मेहनत

    इस चुनावी रणभूमि में पार्टी के प्रमुख नेता मंडल कोऑर्डिनेटर राजू गौतम, अमरेंद्र बहादुर भारतीय, और शमसुद्दीन राइन सहित कई अन्य नेताओं ने अपनी पूरी ताकत झोंकी हुई है। ये नेता अलग-अलग गाड़ियों से विधानसभा क्षेत्र के हर कोने में पहुंचे और मतदाताओं से संपर्क किया। खासकर अनुसूचित जाति बाहुल्य इलाकों में पार्टी का ध्यान ज्यादा केंद्रित किया गया है। पंकज गौतम, बसपा के जिलाध्यक्ष ने बताया कि पार्टी के सभी कार्यकर्ता और नेता चुनावी जीत के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्थिति पार्टी के पक्ष में है और कार्यकर्ताओं को किसी भी अन्य दल से डरने की आवश्यकता नहीं है।

    खबरें और भी

    इस बीच, पार्टी ने खास ध्यान दिया है कि किसी भी वोट को गंवाया न जाए। बसपा का उद्देश्य सभी वर्गों को एकजुट करके चुनावी मैदान में जीत हासिल करना है। 18 और 19 नवंबर को होने वाले अंतिम दौर की चुनावी गतिविधियों में बसपा नेताओं द्वारा अपने कड़े प्रयास जारी रखे जाएंगे।

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