यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Maha Kumbh 2025: महाकुंभ में स्वच्छता सुनिश्चित करने को BARC करेगा नई तकनीक का उपयोग, जल निगम को सौंपा गया जिम्मा
Maha Kumbh 2025 महाकुंभ में स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र की विकसित तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इस तकनीक से सीवेज और फीकल ...और पढ़ें

HighLights
- महाकुंभ में नवाचार के प्रयोग पर विशेष ध्यान
- सीवेज एवं फीकल स्लज का किया जाएगा शोधन
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) द्वारा विकसित तकनीक से महाकुंभ में सीवेज एवं फीकल स्लज का शोधन किया जाएगा। नई तकनीक पर आधारित 0.5 एमएलडी क्षमता के तीन प्री-फैब्रिकेटेड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट द्वारा किया जाएगा।
यह प्री-फैब्रिकेटेड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट झूंसी, नागवासुकी एवं फाफामऊ की ओर बसाए जाने वाले सेक्टरों के लिए स्थापित किया जाएगा। प्री-फैब्रिकेटेड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पूर्ण रूप से दुर्गंध मुक्त रहेगा। कम जगह में भी इस स्थापित किया जा सकेगा। जल निगम (नगरीय) की ओर से इस कार्य को कराया जाएगा।
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कुम्भ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि इस महाकुंभ में नवाचार के प्रयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेला क्षेत्र को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण देने की दिशा में यह नवीन प्रयोग किया जा रहा है।
दूषित पानी के शोधन को उपयोग में लाने की योजना
पूर्व में हरिद्वार में आयोजित कुंभ मेला में भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र की एजीजीएसबीआर तकनीक पर आधारित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का प्रयोग किया गया था। इन प्री-फैब्रिकेटेड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को महाकुंभ मेला के उपरांत भी छोटे नालों से निकलने वाले दूषित पानी के शोधन के लिए उपयोग में लाने की योजना बनाई जा रही है।