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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    घायल श्रद्धालुओं से मिले मुख्य सचिव और डीजीपी, हर संभव मदद का दिया आश्वासन

    Updated: Fri, 31 Jan 2025 11:45 AM (IST)

    मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में भर्ती सभी श्रद्धालुओं को समुचित चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। अस्पताल प्रशास ...और पढ़ें

    यूपी के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह और डीजीपी प्रशांत कुमार ने घायलों से उनका हालचाल पूछा
    यूपी के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह और डीजीपी प्रशांत कुमार ने घायलों से उनका हालचाल पूछा

    HighLights

    1. मुख्यमंत्री के निर्देश पर घायल श्रद्धालुओं से मिलने एसआरएन अस्पताल पहुंचे मुख्य सचिव और डीजीपी
    2. एक-एक घायल से मिलकर जाना उनका हाल, डॉक्टर्स को समुचित चिकित्सा उपलब्ध कराने के निर्देश
    3. मुख्य सचिव ने कहा - अस्पताल में घायल तीर्थयात्रियों का रखा जा रहा पूरा ध्यान, इलाज में नहीं होगी कोई कमी

    डिजिटल टीम, महाकुंभ नगर। यूपी के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह और डीजीपी प्रशांत कुमार गुरुवार को स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल भी पहुंचे, जहां बुधवार को मौनी अमावस्या अमृत स्नान के दौरान संगम नोज पर घटी घटना के घायलों को भर्ती कराया गया है। यहां मुख्य सचिव और डीजीपी ने घायलों से मुलाकात की और उनका हाल जाना। प्रदेश के दोनों शीर्ष अधिकारी एक-एक घायल के पास गए और उन्हें मिल रहे उपचार के विषय में जानकारी ली। साथ ही उन्होंने डॉक्टर्स को इलाज में किसी तरह की कमी नहीं रखने के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप अस्पताल में घायल तीर्थयात्रियों का समुचित इलाज किया जा रहा है और पूरा प्रशासन उनकी देखरेख में जुटा हुआ है।

    कोई भी मरीज गंभीर नहीं

    मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में भर्ती सभी श्रद्धालुओं को समुचित चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। अस्पताल प्रशासन पूरी तत्परता से सभी मरीजों की देखभाल कर रहा है। मरीजों के साथ आए परिजनों और श्रद्धालुओं के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। सभी मरीजों के परिवारजनों को सूचना दे दी गई है और अधिकांश परिजन अस्पताल पहुंच चुके हैं। राहत की बात यह है कि कोई भी मरीज गंभीर स्थिति में नहीं है। हालांकि, कुछ मरीजों को फ्रैक्चर जैसी चोटें आई हैं, जिनके पूर्ण रूप से स्वस्थ होने में 3 से 4 सप्ताह तक का समय लग सकता है। सरकार एवं अस्पताल प्रशासन मरीजों की देखभाल के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हरसंभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।