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केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का युवाओं से आह्वान: जॉब सीकर नहीं, जॉब प्रोवाइडर बनें; कहा- देश को युवा आयोग की जरूरत

By Amlendu Tripathi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sun, 27 Sep 2026 06:33 PM (IST)Updated: Sun, 27 Sep 2026 09:03 PM (IST)

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने प्रयागराज में युवाओं से संवाद करते हुए उन्हें जॉब सीकर नहीं बल्कि जॉब प्रोवाइडर बनने ...और पढ़ें

प्रयागराज के परेड मैदान में ‘यूथ बोले तो’ कार्यक्र में युवाओं से बातचीत करते केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान। जागरण

प्रयागराज के परेड मैदान में ‘यूथ बोले तो’ कार्यक्र में युवाओं से बातचीत करते केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान। जागरण

HighLights

  1. केंद्रीय मंत्री बोले- अधिक से अधिक पढ़े-लिखे युवा राजनीति में आए।

  2. प्रयागराज के परेड मैदान में ‘यूथ बोले तो’ में युवाओं से किया संवाद

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। चिराग की रोशनी नया सवेरा, एलजेपी के साथ यूपी का डेरा...छोटे शहर में बड़े जजबात...चिराग की सोच पर भरोसा करो, अपना सपना बड़ा रखो, अपनी मेहनत जारी रखो। गीत के बीच राक स्टार की तरह लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुखिया चिराग पासवान रविवार को प्रयागराज में परेड मैदान स्थित मंच पर पहुंचे।

युवाओं का बड़ा भाई बताकर तालियां बटोरी

उन्होंने हाऊआर यू गाइज, गुड ईवनिंग, प्रणाम। कैसे हैं। आज पहली बार आप सब के बीच ऐसे आकर बात करने का मौका मिला, इसके लिए दिल से धन्यवाद करते हुए बात की शुरुआत की। कार्यक्रम की प्रस्तावना साझा करते हुए खुद को युवाओं का बड़ा भाई बताकर तालियां बटोरी। मंच से जो दो बड़ी बातें लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुखिया ने कही, उनमें युवा आयोग का गठन कराने के साथ पढ़े लिखे युवाओं के राजनीति में आने का आह्वान किया।

'यूथ बोले तो' के मंच पर बोले चिराग 

'यूथ बोले तो' के मंच को परिभाषित करते हुए चिराग पासवान ने कहा, यहां आकर आप सब अपनी बात रख सकते हैं। हो सकता है हम लोग आपस में सहमत न हों, यहां आप का आक्रोश होगा, आप का प्यार होगा, आप की शिकायत होगी। आप का सुझाव होगा। कुछ मेरी बातें होंगे। कुछ आप की बातें होंगी। इसके पीछे की सोच बस यह है कि एक मौका जरूर मिलना चाहिए। अपनी बातों को रखने का, अपने सुझाव रखने का। अपनी चिंताओं और समस्याओं के समाधान पर चर्चा करने का।

संवाद से ही समाधान निकलता है

बोले- मैं मानता हूं संवाद से ही समाधान निकलता है। हम जितनी चर्चा करेंगे। जितना संवाद करेंगे, यकीनन आज नहीं तो कल अपनी हर चिंताओं पर पूर्ण विराम लगाएंगे। तभी अपने सपनों का उत्तर प्रदेश और भारत बनाएंगे। हम ऐसा प्रदेश बनाएंगे जहां हमारी समस्याओं का समाधान हो। परीक्षा से लेकर हमारे भविष्य के निर्माण तक की बात करने वाला है यह मंच। आप सब का उत्साह खुशी देने वाला है। यदि आप चाहेंगे कि मैं बार बार आऊं तो आप ऐसे ही प्यार से मिलें। आज सिर्फ एक भाई के रिश्ते की मर्यादा से हम लोग संवाद करेंगे।

युवाओं के अधिकार विषय पर खुलकर चर्चा हो 

साफ शब्दों में कहा, युवाओं के अधिकार विषय पर खुलकर चर्चा की जरूरत है। हमारी व्यवस्था अधिकारों पर बात ही नहीं करती है जबकि युवाओं के अपने अधिकार होने चाहिए। इस संवाद में पेपर रद और लीक का मुद्दा प्रमुख रहा। वर्तमान व्यवस्था को निशाने पर लेते हुए लोजपा नेता ने कहा, जब परीक्षार्थी परीक्षा सेंटर पर पहुंचता है और किसी कारण से पेपर रद हो जाता है तो उसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं होता। जबकि परीक्षा की तिथि स्पष्ट होनी चाहिए। यदि तिथि में बदलाव हो तो संबंधित विभाग को पूरी जिम्मेदारी उठानी चाहिए।

शिक्षा व्यवस्था में क्या बदलाव हो, खुलकर बताएं 

बोले कि परीक्षार्थी के लिए रहने, खाने, केंद्र तक पहुंचाने तक की व्यवस्था करनी चाहिए। क्योंकि गलती विभाग की भुगतान भी विभाग करे। इस दिशा में ठोस कदम बढ़ाने के लिए भी युवाओं का साथ मांगा। यह भी पूछा कि शिक्षा व्यवस्था में क्या बदलाव हो। खुल कर बताएं। इसके लिए जल्द ही आनलाइन पोर्टल की व्यवस्था की भी घोषणा की। कहा, उस पोर्टल पर आप सब अपनी बात हम तक पहुंचा सकते हैं। 

हिचक को बाहर निकालें, हुनर के साथ बढ़ें

युवाओं को ऊर्जा देते हुए लोजपा नेता ने स्किल फर्स्ट की ओर बढ़ने की प्रेरणा दी। कहा, हिचक को बाहर निकालें। घर परिवार के लोगों की बात से आगे बढ़कर अपने हुनर के साथ चलें। आप सब ऐसे कालखंड का हिस्सा है जहां आने वाले 20 वर्ष में विकसित देश की ओर हम सब बढ़ रहे हैं। उस समय ड्राइविंग सीट पर आप होंगे। आप ऐसे पदों पर मौजूद होंगे जहां फैसला लेंगे कि भारत कैसा होगा। आप पर जिम्मेदारी है, भारत का नसीब गढ़ने की। ऐसे में भविष्य के लिए आप भटकें, यह मुझे गंवारा नहीं है। 

कई बदलाव की जरूरत बताई 

कहा कि मैं मानता हूं कई बदलव की जरूरत है। जब हम लोगों की परीक्षाएं रद होती हैं तो चिंता होती है। पेर लीक होता है तो चिंता होती है। डिग्री लेकर भटकते हैं, जब कोई नौकरी नहीं देता तब चिंता होती है। भविष्य अंधकार में दिखता है। उस समय मानसिक हालत इतनी खराब हो जाती है कि कुछ लोग जिंदगी से हार मान लेते हैं। इन बातों पर चर्चा की जरूरत है। दूसरों को मौका न दे कि वह हमारे वर्तमान और भविष्य का फैसला लें।

शिक्षा प्रणाली और रोजगार व्यवस्था पर जताई चिंता

उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुखिया चिराग पासवान ने अपने को युवाओं से जोड़ने का प्रयास किया। ठीक उसी तरह जैसे कांग्रेस नेता राहुल गांधी कर रहे हैं। मंच पर युवाओं को बुलाया और उनसे प्रश्न पूछवाया गया। कुछ सुझाव भी लिए। संवाद के क्रम में सब से पहले इलाहाद विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई करने वाली निवेदिता आईं। उन्होंने सीधा सवाल किया कि बिहार चुनाव से पहले एनडीए को समर्थन देने से पहले लोजपा ने युवा आयोग के गठन की शर्त रखी थी, क्या उत्तर प्रदेश में भी ऐसा करेंगे। क्या यहां भी युवाओं के साथ खड़े होकर आप प्रश्न पूछ पाएंगे।

युवा आयोग की सख्त जरूरत

इस पर पूरे विश्वास के साथ केंद्रीय मंत्री चिरंग पासवान ने कहा, पूरे हिंदुस्तान में इस आवाज को उठाऊंगा। आज हम सबको युवा आयोग की सख्त जरूरत है। महिला आयोग है, अल्पसंख्यक आयोग है, बाल आयोग है, दुनियाभर के आयोग हैं पर सबसे बड़ी आबादी युवा है लेकिन युवा आयोग नहीं है। ऐसे आयोग का गठन हो जहां युवा अपनी समस्या लेकर जाएं और समाधान पाएं। उन्होंने शिक्षा प्रणाली, रोजगार की व्यवस्था पर चिंता जताई। 

छात्रा जाह्नवी ने कहा...

ईश्वर शरण की छात्रा जाह्नवी ने बताया कि वह मूल रूप से देवरिया की हैं। बाहर से आने वाले छात्रों को न मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं पर प्रश्न किया। इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, सख्त निगरानी की आवश्यकता है। कई बार लापरवाही की वजह से विपिरीत परिस्थितियों में रहना पड़ता है। बच्चों को एक कमरे में गाय भैंस की तरह ठूंस दिया जाता है। स्वीकार किया कि सरकार का हिस्सा होने के नाते आंख मूंदकर नहीं बैठक सकते। सरकारों की बड़ी जिम्मेदारी है। यूथ कमीशन इस जिम्मेदारी को निभाने का काम करेगा। फीस रेगुलेशन की जरूरत है।

दूसरों को रोजगार देने के लिए सोचें

इसी क्रम में मीरजापुर से आए छात्र राहुल ने स्टार्टअप के संदर्भ में प्रश्न उठाया। इस पर केंद्रीय मंत्री ने साफ कहा, सोच के दायरे को बढ़ाएं। अपने रोजगार से आगे बढ़ते हुए दूसरों को रोजगार देने के लिए सोचें। कहा- जॉब सीकर नहीं, जाब प्रोवाइडर बनना होगा। यह तभी संभव होगा जब अधिक से अधिक स्टार्टअप होंगे। इस दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। सीएमपी के विधि छात्र सौरभ ने भी इसी क्रम को आगे बढ़ाया। उन्हें भी जाब सीकर न होकर नौकरी देने वाला बनने का सुझाव दिया। यह भी कहा कि ऐसा तब होगा जब हम फर्स्ट जनरेशन उद्यमी तैयार करेंगे। छोटी लागता, छोटा सहयोग लेकिन उतपादन में वैल्यू एड का प्रयास होना चाहिए। हम सब इस दिशा में काम कर रहे हैं।

उद्योग से जोड़ने की दिशा में प्रयास होना चाहिए

यह भी सुझाव मिला कि तैयारी करने के बाद जो छात्र सफल नहीं होते, उन्हें किसी न किसी उद्योग से जोड़ने की दिशा में सरकारी प्रयास होना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने माना कि सरकार में ऐसे लोग हैं जो बिना जानकारी के युवाओं के भविष्य का फैसला कर रहे हैं। इस स्थिति से तभी निपट पाएंगे जब डॉक्टर, इंजीनियर, उद्यमी, कला के क्षेत्र से और सामान्य पढ़े-लिखे लोग भी राजनीति में आएंगे। जब वे अपने अनुभव से काम करेंगे तो बड़ा बदलाव होगा।

रोहित से लेकर साहिल तक के गलत कदम की भी चर्चा 

इस संवाद में रोहित वोमुला से लेकर साहिल तक के गलत कदम उठाने की भी चर्चा हुई। इससे निपटने के लिए सुझाव मिला कि जहां रहें, अपनी बात रखें। खुल कर बोलें। कोई परेशानी या उलझन हो उसे जरूर कहें। दोबारा फिर प्रयागराज आने के वादे के साथ लोजपा नेता ने पंडाल में मौजूद लोगों से विदा लिया। 

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