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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Hanuman Janmotsav 2025 : हनुमान जन्मोत्सव पर महाशिवरात्रि योग, पूजन का शुभ मुहूर्त कब है, कष्ट दूर करने को क्या करें?

By SHARAD DWIVEDIEdited By: Brijesh Srivastava
Published: Sat, 18 Oct 2025 04:27 PM (IST)

प्रयागराज में हनुमान जी का जन्मोत्सव कार्तिक कृष्णपक्ष की चतुर्दशी तिथि, रविवार को महाशिवरात्रि योग में मनाया जाएगा। मंदिरों में ...और पढ़ें

प्रयागराज के ज्योतिर्विदों ने हनुमान जन्मोत्सव का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि बताई।

प्रयागराज के ज्योतिर्विदों ने हनुमान जन्मोत्सव का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि बताई। 

HighLights

  1. कल शाम 5.37 से 7.14 बजे तक पूजन का उपयुक्त मुहूर्त

  2. दोपहर 1.55 बजे से लगेगी भद्रा, दर्शन-पूजन में नहीं पड़ेगा प्रभाव

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त, रुद्रावतार महावीर हनुमान जी का जन्मोत्सव कार्तिक कृष्णपक्ष की चतुर्दशी तिथि पर रविवार को मनाया जाएगा। महाराशिवरात्रि योग लगने से हनुमान जी के जन्मोत्सव का महत्व बढ़ गया है।

हनुमान मंदिर में दिन भर होगा दर्शन-पूजन

प्रयागराज के प्राचीन हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन दिनभर चलेगा। इसकी तैयारी शनिवार को पूरी की गई। बड़े हनुमान जी, हनुमत निकेतन, 51 फिट हनुमान जी, ककरहा घाट स्थित लेटे हनुमान जी सहित हनुमान जी की समस्त मंदिरों की सफाई कराने के साथ पुष्पों और बिजली के झालरों से सजाया गया है।

विधि-विधान से पूजन से हनुमत कृपा होगी : आचार्य देवेंद्र 

ज्योतिर्विद आचार्य देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी के अनुसार रविवार की दोपहर 1.55 बजे चतुर्दशी तिथि लग जाएगी। हनुमानजी का जन्म कार्तिक कृष्णपक्ष की चतुर्दशी तिथि के मेष लग्न में हुआ था। मेष लग्न शाम 5.37 से 7.14 बजे तक रहेगी। उक्त समयावधि में हनुमानजी का जन्मोत्सव मनाना चाहिए। विधि-विधान से पूजन करने से उनकी कृपा की प्राप्ति होती है। 

चौमुखा दीपक जलाने से समस्त कष्ट दूर होंगे

आचार्य देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी ने बताया कि चतुर्दशी तिथि के साथ भ्रदा भी लग रहा है, लेकिन उसका प्रभाव हनुमान जन्मोत्सव पर नहीं पड़ेगा। महाशिवरात्रि योग लगना शुभकारी है। हनुमत उपासना व सूर्यास्त होने पर घर के द्वार पर चौमुखा दीपक जलाने से समस्त कष्ट दूर होंगे।

मेघ लग्न लगने पर पूजा का विशेष महत्व

पाराशर ज्योतिष संस्थान के निदेशक आचार्य विद्याकांत पांडेय के अनुसार हनुमान जी के जन्मोत्सव पर भाव से उनकी स्तुति करनी चाहिए। हनुमान जी को चना, गुड़, बेसन का लड्डू, चमेली का तेल, सिंदूर, लाल लगोटा व जनेऊ अर्पित करना चाहिए। मेष लग्न में भगवा अथवा लाल वस्त्र धारण करके देशी घी का दीपक जलाकर प्राचीन हनुमान मंदिर में 'ऊं हं हनुमते नम:' का 108 बार जप करें।

साढ़े साती से मुक्ति को 11 बार सुंदरकांड का करें पाठ

साढ़े साती से मुक्ति के लिए 11 बार सुंदरकांड व हनुमान चालीसा का पाठ, दशरथ कृत शनि स्रोत व हनुमान बाहुक का पाठ करना चाहिए। साथ ही 108 बार श्रीराम नाम का जप करने से दैहिक, दैविक व भौतिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।

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